रीवा
ऑपरेशन सिन्दूर के तहत भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान पर किए गए एयर स्ट्राइक के बाद से मध्य प्रदेश में राजनीति गरमाई हुई है. प्रदेश की बीजेपी सरकार के मंत्री और विधायकों के बयानबाजी से सरकार की लगातार किरकिरी हो रही है. मंत्री विजय शाह के द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के विवादित बयान ने सरकार और पार्टी दोनों की फजीहत करा दी. अब एक बार फिर रीवा के मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति के ताजा बयान से प्रदेश मे खलबली मच गई है.
मनगवां विधायक के बयान से मचा बवाल
रीवा की मनगवां विधानसभा से बीजेपी विधायक ने मंच से एक ऐसा बयान दे दिया, जिसके बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया. मंच से सभा को सम्बोधित करते हुए बीजेपी विधायक नरेंद्र प्रजापति ने कहा, ” भारतीय सेना ने पिछली जो भी लड़ाइयां लड़ीं, उसमें पाकिस्तान को हमेशा धूल चटाने का काम किया. मैं तो ये बात कहता हूं की नरेन्द्र मोदी के नेतृत्त्व मे जो कार्यक्रम हो रहा था उसमें पाकिस्तान तबाह कर दिया जाता. अगर यूनाइटेड नेशन के द्वारा सीजफायर का आदेश न आता.”
मैं अपने बयान पर अटल : प्रजापति
इस बारे में जब मनगवां विधायक नरेंद्र प्रजापति से बात की गई तो उन्होंने कहा, ” मैं अपने दिए गए बयान पर अटल हूं. हां, ये जरूर है कि मैंने यूएस को यूएन बोला है. अगर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यूएस मध्यस्थता नहीं करता तो ये युद्ध अब तक चलता रहता और अब तक पाकिस्तान का सफाया हो जाता. मैंने ये जो बयान दिया है, वो मीडिया में प्रकाशित खबरों को पढ़कर दिया है.”
विवादित बयान पर पहले से घिरे हैं विजय शाह और जगदीश देवड़ा
दरअसल, हाल ही मे मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था. जिसके बाद देश भर में जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ. विपक्षी दलों ने मंत्री शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इसके बाद मंत्री के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई. इस मामले में मंत्री को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से भी फटकार लगाई थी.
वहीं, मंत्री विजय शाह के बाद बीते दिन मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवडा के बयान से तूफान खड़ा हो गया. डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा था कि “पूरा देश सैनिक और जवान प्रधानमंत्री मोदी के चरणों मे नतमस्तक है.” हालांकि, बाद में उन्होंने बताया कि “मेरा कहने का तात्पर्य था कि पूरा देश सैनिकों के चरणों में नतमस्तक है.”
