10.7 C
London
Saturday, May 2, 2026
Homeभोपालमध्य प्रदेश में चल रही प्रथा पर भड़की सुप्रीम कोर्ट; मोहन सरकार...

मध्य प्रदेश में चल रही प्रथा पर भड़की सुप्रीम कोर्ट; मोहन सरकार का फैसला रद

Published on

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मध्य प्रदेश सरकार को बड़ा झटका देते हुए उसका एक सरकारी आदेश रद्द कर दिया है। यह आदेश भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों को भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों की गोपनीय रिपोर्ट की समीक्षा करने का अधिकार देता था। कोर्ट ने इसे नियमों का खुला उल्लंघन बताया और कहा कि यह आदेश पहले से दिए गए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवमानना है। दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने जून 2024 में एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि जिला कलेक्टर जैसे IAS अधिकारी, वन अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (APAR) की समीक्षा करेंगे।

इस फैसले के खिलाफ कुछ IFS अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। उनका कहना था कि यह फैसला न केवल अनुचित है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश का उल्लंघन भी है। जबकि 22 सितंबर सन् 2000 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि वन विभाग में अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद तक के अधिकारियों के लिए रिपोर्टिंग प्राधिकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारी होना चाहिए। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि केवल प्रधान मुख्य वन संरक्षक के मामले में ही रिपोर्टिंग प्राधिकारी वन सेवा से संबंधित व्यक्ति के अलावा कोई अन्य व्यक्ति होगा, क्योंकि IFS में उनसे वरिष्ठ कोई नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने साफ कहा कि राज्य सरकार का आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा 22 सितंबर 2000 को दिए गए फैसले के बिल्कुल खिलाफ है। उस फैसले में कोर्ट ने निर्देश दिया था कि IFS अधिकारियों की रिपोर्ट सिर्फ वन सेवा के ही वरिष्ठ अधिकारी द्वारा लिखी जानी चाहिए।

सुनवाई के दौरान बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा “मध्य प्रदेश में एक ऐसी प्रथा का पालन किया जाता है जिसमें IFS अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट दर्ज करने के लिए जिला कलेक्टर या वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्यरत IAS अधिकारी शामिल होते हैं। जबकि देश के लगभग सभी राज्य सुप्रीम कोर्ट के 2000 के आदेश का पालन कर रहे हैं। सिर्फ मध्य प्रदेश ही ऐसा राज्य है।जो इस आदेश को नजरअंदाज कर रहा है और अपनी अलग व्यवस्था चला रहा है।”

कोर्ट ने कार्रवाई से खुद को रोका, जारी किया कड़ा आदेश
कोर्ट ने यह भी माना कि राज्य सरकार का आदेश अदालत की अवमानना के दायरे में आता है, लेकिन फिलहाल अधिकारियों के खिलाफ कोई अवमानना कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि वह ऐसा कर सकता था, लेकिन सरकार को सुधार का मौका दे रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि मध्य प्रदेश सरकार को एक महीने के भीतर सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेशों के अनुसार नए नियम तैयार करने होंगे। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि आगे से IFS अधिकारियों की गोपनीय रिपोर्ट केवल उन्हीं अधिकारियों द्वारा लिखी जाए, जो उनके सेवा कैडर से हों और उनसे वरिष्ठ हों।

क्या होता है गोपनीय रिपोर्ट (APAR)?
सरकारी सेवाओं में अधिकारियों के कामकाज का सालाना मूल्यांकन गोपनीय रिपोर्ट के माध्यम से किया जाता है, जिसे APAR (Annual Performance Appraisal Report) कहते हैं। यह रिपोर्ट तय करती है कि अधिकारी को प्रमोशन मिलेगा या नहीं और उसकी सेवा रिकॉर्ड में यह अहम भूमिका निभाती है। बुधवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा “ऐसा लग रहा है कि अन्य राज्य इस प्रथा का पालन कर रहे थे। जिसमें ‘रिपोर्टिंग प्राधिकारी’ और ‘समीक्षा प्राधिकारी’ एक ही बैकग्राउंड के होते थे।

जिसमें ‘रिपोर्टिंग अथॉरिटी’ उस अधिकारी से ठीक वरिष्ठ होता था। जिसके बारे में रिपोर्ट की परवाही भी मानी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट का यह हस्तक्षेप न केवल प्रशासन को जवाबदेह बनाता है बल्कि आने वाले समय में दिल्ली की पर्यावरणीय स्थितियों में सुधार की उम्मीद भी जगाता है। अब देखना होगा कि सरकार इस दिशा में कितनी तत्परता से कदम उठाती है।

Latest articles

बरगी क्रूज हादसे में सीएम की बड़ी कार्रवाई, पायलट समेत 3 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त, मैनेजर निलंबित

भोपाल। बरगी जलाशय में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई...

‘बगिया के विष्णु’ का विकास विज़न : सुशासन से जन-जन तक पहुँचती सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बीते लगभग ढाई वर्षों में शासन की कार्यशैली ने विकास की...

जनगणना 2027 का महा-अभियान शुरू: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वयं भरी अपनी जानकारी, नागरिकों से की खास अपील

जयपुर। राजस्थान में 'जनगणना 2027' के पहले चरण 'मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना'...

युवाओं को पेपरलीक से मिली मुक्ति, अब विदेशी भाषाओं के हुनर से वैश्विक मंच पर भरेंगे उड़ान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर...

More like this

बरगी क्रूज हादसे में सीएम की बड़ी कार्रवाई, पायलट समेत 3 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त, मैनेजर निलंबित

भोपाल। बरगी जलाशय में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई...

डिश और इंटरनेट केबल से हो रही बिजली चोरी का खुलासा, 26 मामलों में 16 लाख का जुर्माना

भोपाल। बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली कंपनी जितनी हाईटेक हो रही है, चोर...

होशंगाबाद रोड पर अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवक को रौंदा, फ्लिपकार्ट कर्मी की दर्दनाक मौत

भोपाल। राजधानी के मिसरोद थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे...