15.4 C
London
Thursday, March 19, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयभारत-पाकिस्तान सीमा पर शांति, दोनों देश कर रहे सैनिकों की तैनाती में...

भारत-पाकिस्तान सीमा पर शांति, दोनों देश कर रहे सैनिकों की तैनाती में कटौती… पाकिस्तानी जनरल का बड़ा दावा

Published on

इस्लामाबाद

पाकिस्तानी सेना के एक वरिष्ठ जनरल ने दावा किया है कि पाकिस्तान और भारत अपनी सीमा पर सैनिकों की संख्या में कमी करने के करीब हैं। उनका यह बयान पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के बाद आया है। इसके बाद सीमा पर तनातनी बढ़ गई थी। उन्होंने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि इस संकट ने भविष्य में और बढ़ने का जोखिम बढ़ा दिया है। दोनों देशों में सैन्य झड़पों के दौरान लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, ड्रोन और तोपों का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा था।

पहलगाम आतंकी हमले से बिगड़े हालात
22 अप्रैल को पहगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी, जिसमें से अधिकांश पर्यटक थे। इस हमले को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने अंजाम दिया था। हालांकि, पाकिस्तान ने इन आरोपों से लगातार इनकार किया। इसके बाद 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और पाकिस्तान में 9 आतंकवादी ठिकानों पर जबरदस्त हवाई हमले किए। इन हमलों में पाकिस्तान के ये सभी आतंकी ठिकाने नष्ट हो गए और बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे भी गए। इसके बाद बौखलाए पाकिस्तान ने जवाबी हमले किए, लेकिन भारत ने उन्हें नाकाम कर दिया।

पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने क्या कहा
इस बीच पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने कहा कि दोनों सेनाओं ने सैनिकों की संख्या कम करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संघर्ष के बाद से सार्वजनिक रूप से बोलने वाले सबसे वरिष्ठ पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी मिर्जा ने कहा, “हम लगभग 22 अप्रैल से पहले की स्थिति में वापस आ गए हैं… हम उस स्थिति के करीब पहुंच रहे हैं, या अब तक हम उस स्थिति के करीब पहुंच चुके होंगे।” भारत के रक्षा मंत्रालय और भारतीय चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के कार्यालय ने मिर्जा की टिप्पणियों पर टिप्पणी के लिए रॉयटर्स के अनुरोधों का तुरंत जवाब नहीं दिया।

भारत-पाकिस्तान संघर्ष को लेकर दी बड़ी चेतावनी
शांगरी-ला डायलॉग फोरम में भाग लेने के लिए सिंगापुर में मौजूद मिर्जा ने कहा कि इस संघर्ष के दौरान परमाणु हथियारों की ओर कोई कदम नहीं उठाया गया, लेकिन यह एक खतरनाक स्थिति थी। उन्होंने कहा, “इस बार कुछ नहीं हुआ।” “लेकिन आप किसी भी समय किसी भी रणनीतिक गलत अनुमान से इनकार नहीं कर सकते, क्योंकि जब संकट होता है, तो प्रतिक्रियाएं अलग होती हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में तनाव बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है क्योंकि इस बार लड़ाई कश्मीर के विवादित क्षेत्र तक सीमित नहीं थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महीने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर भारत पर फिर से हमला हुआ तो नई दिल्ली सीमा पार “आतंकवादी ठिकानों” को फिर से निशाना बनाएगी।

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी नव संवत्सर और राजस्थान दिवस की शुभकामनाएं; प्रदेशभर में उत्साह का माहौल

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को नव संवत्सर, चैत्र नवरात्र स्थापना (19 मार्च) और...

नव संवत्सर प्रकृति के नवसृजन का उत्सव; युवा पीढ़ी को ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का बोध कराना जरूरी: राज्यमंत्री श्रीमती गौर — प्रकृति के साथ संतुलन...

भोपाल राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने बुधवार को गुड़ी पड़वा और हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत...

एडीजी को घर के बाहर अज्ञात बदमाशों ने दी धमकी, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस के एडीजी (ट्रेनिंग) राजाबाबू सिंह के साथ उनके त्रिलंगा स्थित निवास पर...

इंदौर में बड़ा हादसा: 15 सिलेंडरों के धमाके और जाम हुए डिजिटल लॉक ने ली 8 जानें

इंदौर इंदौर के ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार तड़के हुए इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे...

More like this

ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने मुजतबा खामेनेई

तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को...

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का दावा, ईरानी मीडिया ने दी जानकारी

ईरानी मीडिया तस्नीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने दावा किया है कि ईरान के...