रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शिरकत की। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 80 प्रतिशत अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। तेजी से विकास के लिए ‘वैल्यू एडिशन’ (मूल्य संवर्धन) आधारित उत्पादन समय की मांग है।
उन्होंने किसानों और युवाओं से बासमती जैसे उच्च गुणवत्ता वाले धान के उत्पादन, हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। 1880 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक पर दिया जोर भव्य दीक्षांत समारोह में कुल 1880 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 128 पीएचडी, 518 स्नातकोत्तर और 1234 स्नातक उपाधियां शामिल हैं।
मेधावी छात्र-छात्राओं को 13 स्वर्ण पदक भी दिए गए। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नई किस्मों और आधुनिक तकनीकों से छत्तीसगढ़ के किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से ड्रोन और एआई (AI) जैसी तकनीकों का उपयोग कर वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सेतु बनने की अपील की। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रदेश में सुगंधित धान, फल और मसालों की खेती की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के शोध का लाभ प्रदेश के विकास में मिलेगा। उल्लेखनीय है कि कृषि के प्रति यह दृष्टिकोण केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है। राजस्थान के जालौर में भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘ग्राम विकास चौपाल’ में युवाओं को कृषि से जुड़कर प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने का सुझाव दिया है।
