जयपुर। राजस्थान को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भिवाड़ी में प्रदेश के पहले ‘सेमीकंडक्टर क्लस्टर’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है और पिछले दो वर्षों में 35 नई नीतियां लागू कर एक अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार किया गया है। यह कदम ‘विकसित भारत-विकसित राजस्थान@2047’ के लक्ष्य को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।
कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग 6 गुना बढ़कर 13 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि मोबाइल अब भारत से निर्यात होने वाली नंबर-1 कमोडिटी बन गई है। भिवाड़ी के इस नए क्लस्टर में 1,200 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे लगभग 2,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। यहाँ प्रतिवर्ष 6 करोड़ चिप्स का निर्माण किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भिवाड़ी में 61 करोड़ रुपये के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का लोकार्पण और 52 करोड़ रुपये की ट्रीटेड वाटर लाइन का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने यह भी साझा किया कि क्षेत्र को दिल्ली से जोड़ने के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और यमुना जल समझौते पर तेजी से काम चल रहा है।
इसके साथ ही, अलवर के पास बांदीकुई में एक बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया स्थापित करने की भी योजना है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने 4 लाख भर्तियों के संकल्प के तहत सवा लाख युवाओं को नियुक्तियां दी हैं और 1.35 लाख पदों पर प्रक्रिया जारी है। ग्रामीण विकास के लिए ‘विकसित ग्राम-वार्ड अभियान’ और पंचायत स्तर पर ‘अटल ज्ञान केंद्र’ खोलने जैसे निर्णय लिए गए हैं।
