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Tuesday, April 28, 2026
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बडवाह ब्लाक में भी हो सकती है राजस्थान जैसी घटना,जर्जर भवनों एवं टपकते पानी के बीच पढ़ रहे विद्यार्थी— स्कूलों की छत से टपक रहा पानी,झड़ रहा प्लास्टर,बच्चों पर संकट,मटपलासिया में छत गिरने का डर— ब्लाक में 47 अत्यंत जर्जर स्कूल,158 स्कूलों में मरम्मत की जरूरत

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बड़वाह से सचिन शर्मा की रिपोर्ट

शिक्षा के मंदिरों में भी मासूमों का जीवन सुरक्षित नहीं है|पिछले दिनों राजस्थान के झालावाड़ में सरकारी स्कूल की बिल्डिंग गिरने से सात बच्चो की मौत हो गई थी,वही कई बच्चे घायल है|यही स्थिति बड़वाह ब्लाक में भी हो सकती है,क्योकि यहा पर ब्लाक में लगभग 45 स्कूल अत्यंत जर्जर हालत में हैं तो 154 स्कूलों की हालत चिंताजनक है|बारिश के दिनों में यह खतरा ज्यादा बढ़ गया है|कहीं छत टपक रही है तो कहीं सीमेंट,कंकरीट और पत्थर गिरने की सम्भावना है|

यही नही कई स्कूल तो ऐसे है जिनके परिसर में बारिश का काफी मात्रा में पानी भर जाता है,जिसमे से होकर बच्चो को स्कूल तक पहुचना पड़ता है|इसके बाद भी सरकार कोई ध्यान नही दे रही है|दरअसल ब्लाक में सरकारी स्कूलों की हालत लम्बे समय से खराब पड़ी हुई है,लेकिन इसके लिए अलग से विभाग द्वारा बजट स्वीकृत नही किया जा रहा है|शिक्षको का कहना है कि बच्चो की संख्या के आधार पर जो राशि हर साल मिलती है,उसमें इवेंट से लेकर अन्य खर्च भी देखने पड़ते है|

जबकि स्कूलों की हालत ऐसी है कि जो राशि मिलती है वह न के बराबर है|यही वजह से हर साल बच्चो को इन जर्जर स्कूलों की कक्षाओ में बैठकर पढना पड़ता है|कई बार तो बारिश के दिनों में हालत यह हो जाते हैं कि एक ही क्लास में सभी छात्रों को एकत्रित कर बैठाना पड़ता है|ऐसे में किस तरह पढाई होती होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है| गौरतलब है कि जर्जर एवं क्षतिग्रस्त स्कूल भवन एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों हैं जो काफी पुराने हो चुके हैं।

सालों पुराने इन भवनों में स्कूल संचालित हो रहे हैं,लेकिन शिक्षा विभाग की नजर इस ओर नहीं जाती है|सबसे अधिक परेशानी बरसात के दिनों में होती है जब तेज बारिश होती है तो पूरा पानी छतों से पटकने लगता है|ऐसे में पूरे कक्षाओं में पानी भर जाता है। ऐसे में बच्चे ठीक ढंग से यहां बैठ भी नहीं पाते हैं। कई स्कूलों में तो मजबूरन छुट्टी कर देना पड़ती है।

154 स्कूल ऐसे जिनमें मरम्मत की जरूरत

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ब्लाक में 45 जर्जर स्कूलों के लिए नवीन भवन की स्वीकृति मिलना तो दूर है,लेकिन 158 स्कूलों की मरम्मत के लिए भेजे गए प्रस्ताव में मात्र चार स्कूल प्रावि सेमरला,प्रावी सताजना,धनिया मोहल्ला फालिया,छीरती मालिया प्रावि स्कूल के लिए कुछ राशि स्वीकृत हुई है|154 स्कूलों ऐसे ही जिनके मेजर मेंटेनेस की जरूरत है|यहा पर किसी स्कूलों में छत की मरम्मत करवाना है तो कई छत नवीन डालना है,कही फर्स,तो कही दीवारे एवं अन्य निर्माण की जरूरत है|

वही शिक्षा विभाग के इंजिनियर चन्द्रपाल सिंह मोर्य ने सर्वे करके ब्लाक की लगभग 45 स्कूलों की जर्जर स्थिति की जानकारी भेजी थी,उसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार एवं गठित टीम ने स्कूलों में पहुंच कर सत्यापन करके जांच भेजी थी|जिसमे लगभग 45 स्कूलों को जीर्ण शीर्ण घोषणा कर कलेक्टर महोदय ने अत्यंत जर्जर स्कूलों में कक्षाए संचालित नही करने के निर्देश दिए है|

ग्राम कोदबार खुर्द में पंचायत भवन में लग रहा स्कूल

बड़वाह से 25 किमी दूर ग्राम कोदबार खुर्द में प्रावि स्कूल की हालत यह है कि स्कूल की पूरी की पूरी इमारत ही जर्जर है|जिम्मेदारो एवं ग्रामवासियों ने कई बार लिखित-मिखिक शिकायते करने के बावजूद भी अभी तक नवीन भवन बनना तो दूर अभी तक स्वीकृत भी नही हुआ है|तहसीलदार शिवराम कनासे के निर्देश पर इस सत्र से स्कूल पंचायत के भवन में लग रही है|लेकिन नवीन भवन के लिए किसी के पास कोई जवाब नही है|प्रधान पाठक मुकेश सोलंकी ने बताया कि स्कूल में 28 विद्यार्थी पदस्थ है|ग्रामवासी करीब 40 वर्ष पुराना भवन बताते है|यह स्कूल भवन की स्थिति इतनी दयनीय है कि कभी भी कुछ घटना हो सकती थी,इसलिए पंचायत के भवन में स्कूल लगाई जा रही है|

छत से पानी टपकने से हादसे की आशंका

ग्राम मटपलासिया में ईजीएस शाला भवन मरम्मत के अभाव में खस्ताहाल हो गया है|हालत यह है कि स्कूल की छत से पानी टपक रहा है और एक पिल्लर भी क्षतिग्रस्त है|छत से सरिया दिख रहा है|जब तेज बारिश होती है तो पानी कमरों में आ जाता है। ऐसे में बच्चों का पढ़ाई करना मुसीबत से कम नहीं है|ऐसे भवन में बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं|प्रधान पाठक छगनलाल कोचले ने बताया कि ईजीएस शाला में 33 विद्यार्थी अध्यनरत है|एक अतिथि शिक्षक है|लेकिन छत से पानी टपकने के कारण विद्यार्थीयो को पढाने में बहुत परेशानी हो रही है|ग्रामवासियों ने कई बार शिकायत करने के बावजूद भी अभी तक मरम्मत के लिए राशि नही मिली है|

यह भी पढ़िए: सांसद आलोक शर्मा ने विमानन मंत्री से मांगी सिंगापुर-दुबई फ्लाइट

यह स्कूल जर्जर घोषित

कोदबार,,मुंडला,मुख्तयारा,सुरपाला,कानपुर,लोंदी,पावरखेड़ी,चित्रमोड,डूडगाँव,पिटनगर,गलगाँव,सोरठी बारूल,रूपखेड़ा,तमोलिया,रतनपुर,उमरिया चोकी,देलवाडा, पास्थल,मेहताखेड़ी,बरखेड़ा,आरसी,रावेर,गोधानाथ,एकता नगर बाबूद,गुजराती पूरा,उमरिया चोकी,बोगासा,जगतपूरा,जीरभार,खगवाडा,नवागत खेड़ी,चरणपूरा,रमाणा,हनुमंतीया,राजपुरा,काकरीया,काटकूट,जेठवाय,बागोद यह स्कूल हैं|  

इनका कहना है

ब्लाक में 158 स्कूल ऐसे हैं जिनके मेंटेनेस की जरूरत है,इनके लिए हमने लिस्ट बनाकर विभाग को भेज दी है और 47 अत्यंत जर्जर स्कूलों जमींदोज किया जाएगा। इन स्कूलों के प्रधान पाठको को जीर्ण शीर्ण स्कूलों में कक्षाएं नहीं लगाने एवं वहां पर वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

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