भोपाल ।
मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। विपक्षी दलों ने इसे बेहद गंभीर जनस्वास्थ्य संकट मानते हुए सरकार पर लापरवाही और कड़े कदम न उठाने का आरोप लगाया। सदन शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने बच्चों के पुतले उठाकर विधानसभा के गेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने नारेबाज़ी करते हुए कहा कि सरकार बच्चों की मौत पर संवेदनहीन रवैया दिखा रही है।
विपक्ष ने पूछा कि घटिया दवाइयाँ बाज़ार में कैसे पहुँच गईं और जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। विपक्षी नेता बोले कि कई परिवार अपने बच्चों के अचानक बिगड़े स्वास्थ्य और मृत्यु से सदमे में हैं। ऐसे में सरकार को फौरन जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए।
सरकार की ओर से मंत्री ने कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच की जा रही है, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस का सांकेतिक प्रदर्शन — बच्चों की सुरक्षा, दवा क्वालिटी निगरानी की माँग कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा गेट पर कफ सिरप पीड़ित बच्चों के प्रतीकात्मक पुतले और पोस्टर लेकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि दवा गुणवत्ता पर निगरानी ढीली होने से यह गंभीर घटना घटी।
सभी कफ सिरप और बच्चों की दवाइयों के सैंपल तुरंत परीक्षण हेतु भेजे जाएँ दोषी दवा कंपनी की लाइसेंसिंग की जाँच हो,स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हो,भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए स्थायी व्यवस्था बने कांग्रेस ने स्पष्ट कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा का सवाल है।
