भोपाल ।
अंतरजातीय विवाह के लिए मिलने वाली शासकीय प्रोत्साहन राशि के भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। लोकायुक्त पुलिस भोपाल की टीम ने कलेक्टर कार्यालय नर्मदापुरम में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हरिजन मोहल्ला, ग्राम सिपुर सिवनी मालवा निवासी 36 वर्षीय प्रवीण सोलंकी ने अंतरजातीय विवाह किया था। इसके तहत शासन की ओर से उन्हें दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि मिलनी थी।
राशि के भुगतान के लिए जब उन्होंने कलेक्टर कार्यालय के जनजातीय विभाग की भंडार शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 मनोज सोनी से संपर्क किया, तो आरोप है कि बाबू ने फाइल बैकडेट में तैयार कराने और भुगतान कराने के एवज में पहले 20 हजार रुपए और काम होने के बाद 70 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। इससे परेशान होकर आवेदक प्रवीण सोलंकी ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक भोपाल दुर्गेश राठौर से शिकायत की। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप दल का गठन किया गया।
तय योजना के अनुसार मंगलवार 16 को लोकायुक्त टीम ने जनजातीय कार्यालय, कलेक्टर परिसर नर्मदापुरम स्थित आरोपी के कक्ष में दबिश दी। इस दौरान आरोपी मनोज सोनी को आवेदक से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
