भेल भोपाल ।
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड भेल भोपाल कारखाने में क्वालिटी का काम बेहतर तरीके से चल रहा है । जॉब की गुणवत्ता की जांच सभी करते है लेकिन स्थानीय प्रबंधन इस बात पर ध्यान नहीं दे रहा है कि कुछ विभागों में अनुभवी अफसरों की बजाये किसी की भी पद स्थापना कर रहे हैं इससे गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग रहा है । टीएसडी विभाग की कुछ कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है दरअसल इस विभाग की एक एचओडी कम्प्यूटर की तो ज्ञानी है लेकिन इस विभाग की नहीं । मजेदार बात यह है कि इन्हें इनके अधिनस्थ ही इन्हें ज्ञान देने लगते है और यह उनके ही ज्ञान पर चल पढ़ते हैं इसलिये यहां नई टेकनिक डेवलप नहीं हो पा रही है ।
यहां टीएसडी के लेब एनएवीएल और कार्मशियल व बाहर की कंपनियों की टेस्टिंग भी होती है लेकिन बड़े फोरम पर प्रजेन्टेशन नहीं मिल पाता । यहीं कारण है कि कार्मशिल टेस्टिंग न के बराबर है । यही नहीं यहां एचओडी को सलाह देने के लिये एक मेनेजर को सिर्फ सलाहकार बना रखा है । देखने बात यह है कि इन साहब का ट्रांसफर क्यूटीआर में हो चुका है मजाल है कि इन्हें क्यूटीआर भेज सकें । यही नहीं टीएसडी के आर्गनाईजेशन में साहब का नाम तक नहीं है वेतन भारी भरकम काम सलाहकार का ।
