भोपाल।
भारत की युवा पीढ़ी में अपार क्षमता है और यदि उन्हें सही दिशा एवं मार्गदर्शन मिले तो वे देश और समाज को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती हैं। यह बात कुंटुंब प्रबोधन अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. अभिजीत देशमुख ने कही। डॉ. देशमुख राजधानी भोपाल में आयोजित “समसामयिक परिवेश में परिवार और कुटुंब की भूमिका” विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और भौतिकवाद के कारण परिवार व्यवस्था कमजोर हो रही है, जिससे सामाजिक संतुलन बिगड़ रहा है। ऐसे समय में परिवार और कुटुंब के मूल्यों को सहेजना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार विनोद जैन ने कहा कि तकनीक का सकारात्मक उपयोग कर दूर-दूर बिखरे परिवार और कुटुंब को जोड़ा जा सकता है। उन्होंने युवाओं को संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. अभिजीत देशमुख ने कहा कि युवाओं को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों की भी शिक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। संगोष्ठी में वरिष्ठ वक्ता जयंत शर्मा, राजकुमार कडोने सहित कई विचारकों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। बड़ी संख्या में युवा, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
