नई दिल्ली।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में उस समय सनसनी फैल गई, जब वेनेजुएला के राष्ट्रपति को अमेरिकी सेना द्वारा बेड़ियां लगाकर हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। यह कार्रवाई अमेरिका की ओर से जारी कानूनी प्रक्रिया के तहत किए जाने का दावा किया जा रहा है। अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनके करीबी सहयोगियों पर भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध वित्तीय लेनदेन और मानवाधिकार उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें अमेरिका की एक उच्च सुरक्षा वाली जेल में रखा गया है, जहां उनसे पूछताछ जारी है।
इस घटनाक्रम के बाद वेनेजुएला सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे देश की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया है। वहीं, कई अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इस कार्रवाई को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का मामला बताया, जबकि कुछ ने अमेरिका के कदम का समर्थन किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से वैश्विक राजनीति में तनाव और बढ़ सकता है। अमेरिका और लैटिन अमेरिकी देशों के संबंधों पर भी इसका गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है और आने वाले दिनों में इसके दूरगामी राजनीतिक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
