भेल भोपाल।
भेल संघर्षशील संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के तत्वावधान में भेल के गेट नं. 5 पर द्वार सभा का आयोजन किया गया। सभा में भेल कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न लंबित मांगों एवं समस्याओं को लेकर प्रबंधन और केंद्र सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की गई। सभा को संबोधित करते हुए ट्रेड यूनियन नेता दिलीप कुमार झारिया ने कहा कि जीती हुई ट्रेड यूनियन अपने वादों को भूल गई है। कर्मचारियों को अभी तक बकाया राशि नहीं मिली है। लाभांश व बोनस की राशि समय पर और सही तरीके से नहीं दी जा रही है। इंसेंटिव में बढ़ोतरी नहीं हो रही है तथा अनुकंपा नियुक्तियां भी नहीं की जा रही हैं। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण पर भी चिंता जताई।
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एआईयूटीयूसी (भेलू यूनियन) के कार्यवाहक अध्यक्ष अमृतलाल गुप्ता ने कहा कि प्रबंधन और सरकार कर्मचारी विरोधी नीतियां अपना रहे हैं। कर्मचारियों और किसानों ने जिस भरोसे से सरकार को चुना, आज वही वर्ग स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने स्थानीय सुविधाएं छीने जाने और सोसायटी कर्मचारियों को स्थायी नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया।
