भोपाल
राजधानी भोपाल में मतदाता सूची में नाम, उम्र, पिता-पति के नाम से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर बड़ी संख्या में मतदाता परेशान हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा लॉजिकल डिस्पेंसी पाए जाने वाले 2 लाख 27 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी मतदाताओं की सुनवाई मात्र दो दिनों में कराए जाने की तैयारी की जा रही है, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बन गई है।
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार इन मतदाताओं को अपनी गड़बड़ी सुधारने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे। ऐसा न करने पर उनके नाम मतदाता सूची से काटे जा सकते हैं। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 14 फरवरी तक सुनवाई और फॉर्म निराकरण की प्रक्रिया पूरी करनी है।
हालांकि इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं की सुनवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के निर्देश के बाद अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। कलेक्टर ने 5 फरवरी तक एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से संबंधित सभी कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
गोविंदपुरा और नरेला में सबसे ज्यादा गड़बड़ी लॉजिकल डिस्पेंसी वाले मतदाताओं में सबसे अधिक संख्या गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में सामने आई है, जहां 82,486 मतदाता शामिल हैं।
इसके बाद नरेला में 69,797, हुजूर में 52,423, मध्य में 46,669, उत्तर में 40,946, बैरसिया में 35,677 और दक्षिण-पश्चिम में 18,656 मतदाता शामिल हैं। इनमें नो-मैपिंग वाले मतदाता भी शामिल हैं। अब तक नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्पेंसी वाले करीब 1 लाख 30 हजार मतदाताओं की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। 21 फरवरी को जारी होगी एसआईआर की फाइनल सूची निर्वाचन कार्यालय के अनुसार मतदाताओं की सुनवाई के बाद नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन और पता परिवर्तन से जुड़े मामलों का निराकरण किया जाएगा। इसके पश्चात 21 फरवरी को एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
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