भोपाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी पहलों से कंपनियों को नई दिशा मिली है। भारतीय ग्रेडियल, मार्बल और सैंडस्टोन दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं और भारत अब केवल एक मात्र सदस्य ही नहीं बल्कि मूल्य निर्धारण और नवाचार का केंद्र भी बन रहा है उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने एकल पुरालेख प्रणाली, औद्योगिक जर्नल के सूचना प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स सुधार और उद्यम के सरल संकलन जैसे स्टेप ग्रुप राजस्थान में निवेश के लिए सुरक्षित और उत्कृष्ट उद्देश्य बनाया है।
‘राइजिंग राजस्थान जांच समिति’ के तहत 35 लाख करोड़ रुपये के सिद्धांत के तहत लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 85 प्रकार के खनिज उपलब्ध हैं। मकराना का संगमरमर, किशनगढ़ का संगमरमर और राजसमंद, जालौर, यूके, डूंगरपुर और बांस के पत्थर विश्व प्रसिद्ध हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्योग की असली ताकत, कारीगर और श्रमिक हैं और उनकी सुरक्षा, सम्मान, प्रशिक्षण और कारीगर हैं।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन लियोनार्ड ने कहा कि राज्य सरकार नई निवेश-पार्क कंपनियों और उद्यमों के सरलीकरण के माध्यम से स्टोन उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्टोन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रीराम मेगा फिल्म के निदेशक अनिल चौधरी और एवर शाइन मार्बल्स के प्रबंध निदेशक श्री मुकेश चंद्र अग्रवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया। इससे पहले उन्होंने इंडिया स्टोन मार्ट 2026 प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न स्टॉलों का भी अवलोकन किया।
इस कंपनी के शिक्षा मंत्री मदन दिलवर, मुख्य सचिव श्री वी. रिफ़ाइंड, लघु उद्योग भारती के वरिष्ठ नेता, रीको और सीडॉस के अधिकारी, ईरान और तुर्की के प्रतिनिधि जिनमें बड़ी संख्या में कट्टरपंथियों, वास्तुशिल्पियों और श्रमिक शामिल हैं।
Read Also :- बिना मीटर के थमाया 1.76 लाख का बिजली बिल, घर के बाहर तैनात किया बंदूकधारी गार्ड
