भोपाल
प्रदेश सरकार सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए बड़े कदम उठाने जा रही है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक में दिव्यांगों के चिन्हांकन के लिए तहसील स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के साथ-साथ अंत्येष्टि सहायता राशि में बढ़ोतरी करने का महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया है। सहायता राशि में वृद्धि की तैयारी विभागीय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह की अध्यक्षता में मंत्रालय में संपन्न हुई इस बैठक में समिति सदस्यों ने जनहित से जुड़े कई सुझाव दिए।
विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह, प्रीतम लोधी और भैरो सिंह बापू ने सुझाव दिया कि वर्तमान में दी जाने वाली 3000 रुपये की अंत्येष्टि सहायता राशि को बढ़ाकर कम से कम 5000 रुपये किया जाना चाहिए। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन की मौजूदा राशि में भी वृद्धि करने की सलाह दी गई। समिति ने इन प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति हेतु राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया है। जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन पर जोर मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगों और वंचितों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विधायकों के सुझाव और अनुभव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने जन-प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के नए प्रावधानों के तहत आयोजन कराएं। नए प्रावधान अब सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में न्यूनतम 11 और अधिकतम 200 जोड़ों को शामिल कर भव्य आयोजन किए जा सकते हैं। चालू वित्त वर्ष में अब तक 54 हजार से अधिक जोड़ों का विवाह इस योजना के तहत कराया जा चुका है।
विभागीय उपलब्धियों का ब्यौरा बैठक में प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने विभाग की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि सरकार सीधे हितग्राहियों के खातों में राशि भेज रही है। योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर एक नजर पेंशन योजना 53 लाख से अधिक हितग्राहियों को हर माह 325 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा रही है। दिव्यांग उपकरण 17,503 दिव्यांगों को 8.75 करोड़ रुपये मूल्य के सहायक उपकरण वितरित किए गए।
विवाह प्रोत्साहन दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना में 736 हितग्राहियों को 13.38 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह योजना में 551 हितग्राहियों को 11.02 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। तहसील स्तर पर शिविरों से मिलेगी राहत अब तक जिला मुख्यालयों की दौड़ लगाने वाले दिव्यांगजनों को बड़ी राहत देते हुए अब तहसील स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से दिव्यांगों का चिन्हांकन कर उन्हें प्रमाण-पत्र और उपकरणों का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
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