भोपाल
विधानसभा के बजट सत्र के बीच राजधानी भोपाल में मंगलवार को महंगाई का मुद्दा गरमा गया। महिला कांग्रेस ने अनूठे अंदाज में ‘रसोई संसद’ आयोजित कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं खाली गैस सिलेंडर, कड़ाही, चकला-बेलन और थालियां लेकर पहुंचीं और बढ़ती कीमतों पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। अनोखा प्रदर्शन: सड़क पर बेली रोटियां, बजाई थालियां प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेठिया के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से सड़क पर बैठकर रोटियां बेलीं और थालियां बजाकर सोती हुई सरकार को जगाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दाल, तेल, आटा और मसालों की आसमान छूती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
400 रुपये में सिलेंडर की मांग पर अड़ी महिलाएं महिला कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 400 रुपये की जाए। रीना बोरासी सेठिया ने आरोप लगाया कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थी आज महंगा सिलेंडर भरवाने में असमर्थ हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं फिर से लकड़ी और धुएं के बीच खाना पकाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा, “सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन हकीकत में गरीब के घर का चूल्हा बुझने की कगार पर है।” वित्त मंत्री के बंगले के घेराव की चेतावनी कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए सरकार को अल्टीमेटम भी दिया है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि:18 फरवरी को पेश होने वाले बजट में यदि महंगाई से राहत के ठोस उपाय नहीं किए गए। और गैस सिलेंडर के दामों में कटौती की घोषणा नहीं हुई। तो 19 फरवरी को महिला कांग्रेस प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के निवास का घेराव करेगी। महंगाई के खिलाफ आर-पार की जंग प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘महंगाई डायन खाए जात है’ जैसे नारे लगाए और आरोप लगाया कि बजट में मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की अनदेखी की जा रही है। महिला कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी बजट में रसोई का खर्च कम करने के कदम नहीं उठाए गए, तो यह आंदोलन केवल भोपाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे प्रदेश में जिला और तहसील स्तर पर ले जाया जाएगा।
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