भोपाल
राजधानी के लिंक रोड नंबर-2 स्थित तुलसी नगर में नगर निगम की नवनिर्मित आठ मंजिला बिल्डिंग में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ अपनी समस्या लेकर पहुँचे एक बुजुर्ग की निर्माणाधीन हिस्से से गिरकर मौत हो गई। इस घटना ने निगम की ‘इंजीनियरिंग’ और सुरक्षा इंतज़ामों की पोल खोल दी है। हादसे के बाद शुक्रवार को निगम प्रशासन बचाव की मुद्रा में नज़र आया और परिसर में मीडिया के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई।
रेलिंग का काम अधूरा, ओपन एरिया से गिरे बुजुर्ग जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग विक्रम सिंह ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ शाखा में किसी काम से जानकारी लेने पहुँचे थे। बिल्डिंग का निर्माण करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से हुआ है, लेकिन इसके कई हिस्सों में बाउंड्री और रेलिंग का काम अब भी अधूरा है। इसी ओपन एरिया से संतुलन बिगड़ने के कारण बुजुर्ग नीचे गिर गए। उन्हें तुरंत हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले को दबाने की कोशिश, गेट पर जड़ा ताला हादसे के अगले दिन शुक्रवार को नगर निगम प्रशासन ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए मुख्य गेट पर ताला लटका दिया। मौके पर पहुँचे मीडियाकर्मियों को कर्मचारियों ने अंदर जाने से रोक दिया। जब कर्मचारियों से इसका कारण पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि “ऊपर से आदेश हैं कि किसी भी बाहरी व्यक्ति या मीडिया को अंदर प्रवेश न दिया जाए।” कांग्रेस ने घेरा: ‘खराब इंजीनियरिंग बनी मौत का कारण’ घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अभिनव बरोलिया मौके पर पहुँचे और निगम प्रशासन पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हादसा पूरी तरह खराब इंजीनियरिंग और लापरवाही का नतीजा है। बरोलिया ने कहा, “40 करोड़ खर्च करने के बाद भी बिल्डिंग में सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। सीढ़ियों और ओपन एरिया को कवर नहीं किया गया है। अब जब एक जान चली गई है, तो कोई भी अधिकारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
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