भोपाल
लोकायुक्त पुलिस की टीम ने शुक्रवार को भोपाल नगर निगम की कंप्यूटर शाखा पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ दो स्थानों पर छापा मारा। यह कार्रवाई फतेहगढ़ स्थित पुराने कार्यालय और लिंक रोड नंबर-2 स्थित मुख्य कार्यालय में एक साथ शुरू की गई। लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर और डीएसपी अजय मिश्रा की अगुवाई में टीमें दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाल रही हैं। संबल योजना और फर्जी बिलों पर फोकस लोकायुक्त की जांच का मुख्य केंद्र संबल योजना और कर्मकार मंडल के तहत वर्ष 2023 में हुए करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक के कथित फर्जीवाड़े का मामला है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विभाग को फर्जी बिल लगाकर भुगतान कराए जाने की शिकायत मिली थी। टीम अब पिछले 10 वर्षों के रिकॉर्ड, ऑनलाइन एंट्री और भुगतान से जुड़ी फाइलों की बारीकी से जांच कर रही है। इन सेवाओं के रिकॉर्ड की हो रही जांच नगर निगम की कंप्यूटर शाखा सभी महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाओं का केंद्र है। लोकायुक्त टीम निम्नलिखित रिकॉर्ड्स की पड़ताल कर रही है संबल योजना के लाभार्थियों का डेटा। प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य ऑनलाइन कर संग्रह। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े डिजिटल दस्तावेज।
लेखा-जोखा और भुगतान संबंधी ऑनलाइन एंट्री। कर्मचारियों से पूछताछ जारी कार्यवाही के दौरान फतेहगढ़ कार्यालय में मौजूद तीन कर्मचारियों—वसीम, सोहेल और पंकज—से बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा, दो ऑफिस बॉय और एक ऑपरेटर से भी जानकारी जुटाई जा रही है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जीवाड़े में किन स्तरों पर मिलीभगत थी। शिफ्टिंग के बाद पहली बड़ी कार्रवाई गौरतलब है कि 22 फरवरी को ही फतेहगढ़ स्थित शाखा को लिंक रोड नंबर-2 के नए भवन में शिफ्ट किया गया था। लोकायुक्त की टीम ने सुबह करीब 11:30 बजे दोनों इमारतों में एक साथ दबिश दी, जिससे निगम मुख्यालय में हड़कंप मच गया।
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