वॉशिंगटन/तेहरान:
Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों ने मौजूदा संघर्ष में खुद को मजबूत और विजेता बताया है, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका इस संघर्ष में मजबूत स्थिति में है और उसकी रणनीति सफल हो रही है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका अपने विरोधियों के आगे नहीं झुकेगा और हालात उसके नियंत्रण में हैं।
वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और दुश्मन को हार का सामना करना पड़ेगा। तनाव बढ़ने के संकेत दोनों देशों के सख्त रुख से साफ है कि कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बयानबाज़ी केवल राजनीतिक संदेश नहीं, बल्कि हालात को और भड़का सकती है।
वैश्विक असर इस टकराव का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिख रहा है। मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर दबाव बन सकता है। कई देशों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और शांति की अपील की है।भारत पर असर रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अमेरिका से बड़ी मात्रा में गैस खरीदने का कदम उठाया है, ताकि आपूर्ति प्रभावित न हो।
