पश्चिम एशिया (West Asia) में जंग की आग अब बेकाबू होती जा रही है। एक तरफ अमेरिका और इजरायल के घातक हमले हैं, तो दूसरी तरफ ईरान भी इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ‘पलटवार’ कर रहा है। इसी तनाव के बीच इजरायल के राजदूत रूवेन अजर (Reuven Azar) ने न्यूज24 को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अपनी भविष्य की रणनीति साफ कर दी है। उन्होंने दो टूक कहा कि इजरायल अपनी सुरक्षा करने के लिए किसी का मोहताज नहीं है। आइए जानते हैं राजदूत अजर ने भारत, ईरान और परमाणु खतरे पर और क्या-क्या सनसनीखेज खुलासे किए।
आत्मनिर्भर इजरायल: “अपनी सुरक्षा के लिए हम खुद काफी हैं”
इंटरव्यू के दौरान रूवेन अजर ने साफ शब्दों में कहा, “हमें किसी से कुछ नहीं चाहिए; हम अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित कर सकते हैं।” जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल को भारत के खुले समर्थन की जरूरत है, तो उन्होंने बड़े सम्मान के साथ जवाब दिया कि इजरायल को किसी का हाथ पकड़कर चलने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इजरायल एक ऐसा देश है जो अपनी लड़ाई खुद लड़ना जानता है और पिछले कई दशकों से उसने यही किया है।
“हमें भारत के फैसले का सम्मान है, मोदी जी रख रहे हैं पल-पल की खबर”
भारत के स्टैंड पर बात करते हुए अजर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर इजरायल के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने भारत के संतुलित रुख की तारीफ करते हुए कहा, “भारत का रुख बहुत अच्छा है। पीएम मोदी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं और हम उन्हें हर छोटी-बड़ी अपडेट दे रहे हैं।” उन्होंने यह भी माना कि भारत और इजरायल दोनों ने आतंकवाद का दंश झेला है, इसलिए दोनों देश एक-दूसरे के दर्द को बेहतर समझते हैं।
परमाणु हमले को रोकने के लिए इजरायल ने किया था स्ट्राइक
राजदूत ने एक बड़ा दावा किया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पहाड़ों के अंदर छिपाकर चला रहा है। उन्होंने कहा, “अगर ईरान के पास परमाणु बम होता, तो वह अब तक हम पर चला चुका होता। हमने उनके परमाणु ठिकानों पर हमला इसलिए किया ताकि उन्हें बम बनाने से रोका जा सके।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल कभी भी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने वाला पहला देश नहीं बनेगा, लेकिन अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा।
“दोस्ती के बावजूद ईरान ने भारत को दिया धोखा”
इंटरव्यू का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा वह था जब अजर ने बताया कि ईरान ने भारत को तेल और गैस की सप्लाई बंद कर दी है। उन्होंने कहा, “भारत, इजरायल और ईरान दोनों के साथ संबंध रखता है, और हम भारत की इस मजबूरी को समझते हैं। लेकिन इसके बावजूद ईरान ने भारत को दी जाने वाली तेल और गैस की सप्लाई काट दी है।” यह खुलासा भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से काफी चिंताजनक माना जा रहा है।
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PMF ठिकानों पर अमेरिकी हमले और बगदाद में गूंजते फाइटर जेट्स
पश्चिमी इराक में तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में अनबार प्रांत में ‘पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज’ (PMF) के ठिकानों पर हुए मिसाइल हमलों में कई लड़ाके मारे गए हैं। 28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग में मंगलवार का दिन सबसे घातक रहा। बगदाद के आसमान में अमेरिकी लड़ाकू विमानों की गूंज सुनाई दे रही है। अजर ने संकेत दिया कि जब तक ईरान अपनी ‘आतंकी हरकतों’ से बाज नहीं आता, तब तक शांति की उम्मीद कम ही है।
