भोपाल
भोपाल में ऐतिहासिक इकबाल मैदान का नाम बदलने को लेकर विवाद तेज हो गया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो के बयान के विरोध में सोमवार को ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने मैदान में प्रदर्शन किया और उनके बयान को भड़काऊ बताया। समिति के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि इस तरह के बयान देश में तनाव का माहौल पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि अल्लामा मुहम्मद इकबाल विश्व प्रसिद्ध शायर रहे हैं, जिन्होंने “सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा” जैसा तराना लिखा, जिसे आज भी पूरे देश में गर्व के साथ गाया जाता है। ऐसे में उनके नाम पर बने मैदान को लेकर इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. दानिश खान ने इसे सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दे समाज में तनाव बढ़ा सकते हैं।
प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष तनवीर कुरैशी, मीडिया प्रभारी आरिफ खान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े नामों को बदलने के बजाय सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। वहीं शमशुल हसन ने कहा कि मानवाधिकार आयोग जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए राजनीतिक बयान देना उचित नहीं है। उनका कहना है कि आयोग के सदस्य को मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़े विवादों को हवा देनी चाहिए।
इधर, प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा था कि पाकिस्तान के प्रस्ताव से जुड़े अल्लामा मुहम्मद इकबाल के नाम पर भोपाल में मैदान होना “हमारे माथे पर कलंक” है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के विचार से जुड़े नाम को हटाकर पूर्वजों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
