भोपाल। मध्यप्रदेश के निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निःशुल्क प्रवेश के लिए गुरुवार को ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया संपन्न हुई। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा आयोजित इस पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश भर के 1 लाख 6 हजार बच्चों को स्कूलों का आवंटन कर दिया गया है।
इस वर्ष प्रदेश के करीब 22 हजार निजी स्कूलों की 1 लाख 22 हजार 551 सीटों के लिए कुल 1 लाख 78 हजार 714 आवेदन प्राप्त हुए थे। लॉटरी की सबसे खास बात यह रही कि इसमें लगभग 51 हजार बच्चों को उनकी पहली पसंद के स्कूल आवंटित हुए हैं, जबकि शेष बच्चों को उनके द्वारा भरे गए अन्य विकल्पों और उपलब्धता के आधार पर सीटें दी गई हैं।
पूरी प्रक्रिया का किया लाइव प्रसारण
राज्य शिक्षा केंद्र ने सिंगल क्लिक सिस्टम के जरिए इस पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रसारण भी किया, ताकि पूरी व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे। आवंटन की सूचना अभिभावकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेज दी गई है। इसके अतिरिक्त, अभिभावक आरटीई पोर्टल पर जाकर भी आवंटन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। जिन बच्चों को स्कूल आवंटित हुए हैं, उनके लिए प्रवेश की प्रक्रिया 3 अप्रैल से शुरू होकर 15 अप्रैल तक चलेगी। इस अवधि में अभिभावकों को संबंधित स्कूल में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ एडमिशन की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
फोटो और ओटीपी वेरिफिकेशन अनिवार्य
स्कूल स्तर पर प्रवेश के दौरान मोबाइल ऐप के जरिए छात्र की उपस्थिति दर्ज की जाएगी, जिसमें फोटो और ओटीपी वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई निजी स्कूल नियमतः आवंटित छात्र को प्रवेश देने से इनकार करता है, तो अभिभावक जिला परियोजना समन्वयक (DPC) या बीआरसी कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
ऐसे स्कूलों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिन बच्चों को पहले चरण में सीट आवंटित नहीं हो सकी है, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है; वे 15 अप्रैल के बाद रिक्त सीटों के लिए दोबारा विकल्प भर सकेंगे, जिसके बाद दूसरे चरण की लॉटरी आयोजित की जाएगी।
