भोपाल। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव का सीधा असर अब मध्य प्रदेश के आम आदमी की जेब और रसोई पर दिखने लगा है। एलपीजी की कमी और पीएनजी की दरों में बढ़ोतरी के कारण पूरे प्रदेश में खान-पान की वस्तुओं के दाम 5 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इंदौर के सुप्रसिद्ध ’56 दुकान’ से लेकर भोपाल की बिरयानी और ग्वालियर के ड्राई फ्रूट्स तक, हर चीज की कीमतों में उछाल आया है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
इंदौर में स्ट्रीट फूड हब पर ग्राहकों की संख्या में भारी कमी
मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर में स्ट्रीट फूड हब पर ग्राहकों की संख्या में भारी कमी देखी जा रही है। ’56 दुकान’ और सराफा बाजार में पोहा, समोसा, कचौड़ी और चाय के दाम 1 से 10 रुपए तक बढ़ गए हैं। ग्राहकों का कहना है कि पहले दो लोगों के बाहर खाने का खर्च 400 रुपए आता था, जो अब बढ़कर 800 रुपए तक पहुँच गया है।
मूंगफली तेल का डिब्बा भी 2600 से बढ़कर 3200 रुपए के पार पहुँच गया है। राजधानी भोपाल में आनंद पोहा, समोसा और कचौड़ी के दाम 15 से बढ़कर 17-20 रुपए हो गए हैं। वहीं वेज बिरयानी की प्लेट 80 से बढ़कर 90-100 रुपए तक पहुँच गई है।
जबलपुर में भी कमर्शियल गैस की किल्लत
जबलपुर में भी कमर्शियल गैस की किल्लत और महंगे ईंधन के कारण मदन महल और अन्य क्षेत्रों के रेस्टोरेंट्स ने जलेबी और समोसों के दाम बढ़ा दिए हैं। जलेबी जो पहले 240 रुपए किलो थी, अब 300 रुपए प्रति किलो बिक रही है।
