भोपाल। राजधानी के पंचशील नगर स्थित शासकीय अनुसूचित जाति महाविद्यालयीन कन्या छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यहाँ असामाजिक तत्वों द्वारा हॉस्टल पर पथराव कर वॉशरूम की खिड़कियों के कांच तोड़ दिए गए हैं। छात्राओं का आरोप है कि उनके पास इस पूरी घटना की रिकॉर्डिंग मौजूद होने के बावजूद पुलिस और प्रशासन हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। सुरक्षा गार्डों और सीसीटीवी कैमरों के अभाव में छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
इतना ही नहीं, छात्रावास में मिल रहे घटिया भोजन के कारण छात्राओं के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इस संवेदनशील मामले पर संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने पुलिस उपायुक्त, भोपाल से मामले की जांच कराकर दो सप्ताह में की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन मांगा है।
दूसरी ओर, शहर में हजारों बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवाएं पेंशन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ई-केवाईसी (e-KYC) की तकनीकी जटिलताओं के कारण बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों की पेंशन रुक गई है। नगर निगम और सामाजिक न्याय विभाग के रिकॉर्ड में तकनीकी ‘होल्ड’ होने और बायोमेट्रिक मिलान (अंगूठे का निशान मैच न होने) में विफल रहने के कारण पेंशन का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
जानकारी के अभाव में बुजुर्ग वार्ड कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, जिससे उनके जीवन यापन में भारी कठिनाई आ रही है। मानव अधिकार आयोग ने इस मामले को भी गंभीरता से लेते हुए आयुक्त, म.प्र. सामाजिक न्याय विभाग, भोपाल से जांच रिपोर्ट और की गई कार्रवाई का विवरण दो सप्ताह के भीतर तलब किया है।
