भोपाल। मप्र में अप्रैल के पहले पखवाड़े में देखने को मिले आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के विचित्र मौसम से अब राहत मिलने वाली है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, शुक्रवार से प्रदेश में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और अन्य मौसमी सिस्टमों का असर खत्म हो जाएगा, जिससे बारिश का दौर थम जाएगा। इसके साथ ही अब सूर्य के तेवर तीखे होंगे और दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि अगले 5 दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा, जिससे भीषण गर्मी पड़ने के आसार हैं।
हालांकि, 15 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, लेकिन मध्यप्रदेश में इसका प्रभाव सीमित रहने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इस साल फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम के मिजाज बदले, जिससे फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा। अप्रैल की शुरुआत में भी प्रदेश के कई हिस्सों, विशेषकर पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया, शहडोल और मंडला सहित अन्य जिलों में तेज आंधी और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा। सांख्यिकीय आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल और मई प्रदेश में सबसे अधिक गर्मी वाले महीने होते हैं।
ऐतिहासिक रूप से भोपाल और इंदौर में पारा 44 डिग्री जबकि ग्वालियर में 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। भोपाल में अप्रैल माह में गर्मी का सर्वकालिक रिकॉर्ड 1996 में 44.4 डिग्री दर्ज किया गया था। इस बार भी अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में लू और भीषण गर्मी का ट्रेंड बने रहने की संभावना है।
