पटना/भोपाल। देश के कई राज्यों में मौसम के मिजाज में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बिहार में शुक्रवार को मौसम विभाग द्वारा आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किए जाने के बाद पटना, खगड़िया, रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर और छपरा समेत करीब 20 जिलों में सुबह से ही घना अंधेरा छा गया, जिसके बाद जोरदार बारिश हुई। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
सुबह के समय आसमान में छाए काले बादलों की वजह से दृश्यता (विजिबिलिटी) इतनी कम हो गई कि सड़कों पर लोगों को अपनी गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। मौसम विभाग का अनुमान है कि बिहार में अगले 3 दिनों तक मौसम का यही रुख बना रहेगा। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में दिन के समय भीषण हीटवेव (लू) चलने की चेतावनी दी गई है, जबकि शाम होते-होते इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश में भी इन दिनों भीषण गर्मी के बजाय आंधी और बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार सुबह राजधानी लखनऊ, प्रयागराज, झांसी और चंदौली में करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चले खतरनाक चक्रवाती तूफान के साथ भारी बारिश दर्ज की गई। इस भीषण तूफान के चलते हमीरपुर में एक अंडर कंस्ट्रक्शन पुल का स्लैब गिर गया, जिसके मलबे में दबने से 6 मजदूरों की जान चली गई, वहीं लखनऊ रेलवे स्टेशन पर टिन शेड गिरने की घटना में 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अतिरिक्त, पश्चिमी राज्य राजस्थान के भी 12 जिलों में आगामी घंटों में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अलग-अलग वेदर सिस्टम सक्रिय होने के चलते मैदानी राज्यों में अचानक आंधी, अंधड़ और बेमौसम बारिश की स्थितियां निर्मित हो रही हैं।
