दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई
तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी हो गए हैं। यह युद्धविराम भारतीय समयानुसार गुरुवार देर रात 2:30 बजे से लागू होगा। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की, जिसके बाद यह सहमति बनी। उन्होंने बताया कि वह नेतन्याहू और जोसेफ औन को वॉशिंगटन में बातचीत के लिए आमंत्रित करेंगे। इस हफ्ते वॉशिंगटन में दोनों देशों के बीच 34 साल बाद पहली बार सीधी बातचीत हुई थी, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल थे।
ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री रुबियो और जॉइंट चीफ्स चेयरमैन जनरल डैन केन को निर्देश दिए हैं कि वे दोनों देशों के साथ मिलकर स्थायी शांति सुनिश्चित करने की दिशा में काम करें।
इससे पहले लेबनानी राष्ट्रपति ने ट्रम्प से फोन पर बातचीत में सीजफायर के प्रयासों के लिए उनका धन्यवाद किया।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते के करीब पहुंचे
अमेरिका और ईरान 21 अप्रैल को खत्म हो रहे सीजफायर से पहले समझौते के करीब पहुंच रहे हैं। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ी है, हालांकि कुछ मतभेद अब भी बाकी हैं। इस बीच तेहरान में ईरानी अधिकारियों और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बीच अहम बैठक होगी। मुनीर पहले ही ईरान पहुंचकर विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात कर चुके हैं और वे अमेरिकी संदेश लेकर गए हैं।
पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। उधर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ मिलकर बातचीत और ड्राफ्ट प्रस्ताव साझा कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, डील के लिए सीजफायर को बढ़ाया जा सकता है, हालांकि अमेरिका ने अभी औपचारिक सहमति नहीं दी है।
ईरान ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रही तो वह रेड सी, ओमान सागर और पर्शियन गल्फ में समुद्री व्यापार रोक देगा। लेबनान में इजराइली हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,167 हो गई, जबकि 7,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत में प्रगति के संकेत मिले हैं। 21 अप्रैल से पहले समझौते की कोशिश जारी है और पाकिस्तानी डेलिगेशन तेहरान पहुंचा है। इजराइल ने दावा किया कि उसने 24 घंटे में दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के 200 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है।
हिजबुल्लाह ने सीजफायर मानने की बात कही
हिजबुल्लाह ने कहा है कि वह इजराइल के साथ हुए सीजफायर का पालन करेगा, लेकिन इसके लिए इजराइल को हमले पूरी तरह रोकने होंगे। हिजबुल्लाह सांसद इब्राहिम अल-मूसावी ने कहा कि संगठन सीजफायर का पालन करेगा, बशर्ते इजराइल सभी तरह की सैन्य कार्रवाई बंद करे और इसे टारगेट किलिंग के लिए इस्तेमाल न करे।
उन्होंने ईरान का धन्यवाद करते हुए कहा कि लेबनान के पक्ष में दबाव बनाने में उसकी अहम भूमिका रही और उसके बिना यह सीजफायर संभव नहीं था। मूसावी ने कहा कि ईरान ने इस सीजफायर को होर्मुज स्ट्रेट बंद करने जितना अहम माना, तभी यह समझौता हो पाया।
EU चीफ ने इजराइल-लेबनान सीजफायर का स्वागत किया
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इजराइल और लेबनान के बीच हुए 10 दिन के सीजफायर का स्वागत किया है और इसे राहत भरा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में पहले ही बहुत ज्यादा जानें जा चुकी हैं, ऐसे में यह सीजफायर जरूरी राहत लेकर आया है। उन्होंने दोहराया कि यूरोप लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान की मांग करता रहेगा और लेबनान के लोगों को मानवीय सहायता देता रहेगा।
EU चीफ ने इजराइल-लेबनान सीजफायर का स्वागत किया
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इजराइल और लेबनान के बीच हुए 10 दिन के सीजफायर का स्वागत किया है और इसे राहत भरा कदम बताया है।
उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में पहले ही बहुत ज्यादा जानें जा चुकी हैं, ऐसे में यह सीजफायर जरूरी राहत लेकर आया है। उन्होंने दोहराया कि यूरोप लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान की मांग करता रहेगा और लेबनान के लोगों को मानवीय सहायता देता रहेगा।
ईरान बोला- अमेरिका से बातचीत में नतीजे की उम्मीद, लेकिन भरोसा अब भी नहीं
ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत को लेकर कहा है कि उसे नतीजे की उम्मीद है, लेकिन अमेरिका पर भरोसा अब भी नहीं है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने कहा कि अमेरिका ने पहले कई बार भरोसा तोड़ा है, इसके बावजूद ईरान बातचीत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने सही और सकारात्मक रुख अपनाया, तो बातचीत से नतीजा निकल सकता है। ईरान और अमेरिका के बीच यह बातचीत पाकिस्तान की मध्यस्थता में हो रही है। पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में पहला दौर हुआ था, अब दूसरे दौर की तैयारी चल रही है, जिसका मकसद जंग खत्म करना है।
ईरान में 48 दिन बाद गूगल सर्च बहाल, जी-मेल अब भी बंद
ईरान में 48 दिन के इंटरनेट शटडाउन के बाद गूगल सर्च सेवा बहाल कर दी गई है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अब फिक्स्ड लाइन और मोबाइल इंटरनेट पर गूगल सर्च एक्सेस किया जा सकता है, लेकिन कनेक्टिविटी में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जी-मेस जैसी अन्य सेवाएं अब भी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे इंटरनेट पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान संघर्ष के बाद देश में इंटरनेट पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे। इस दौरान केवल चुनिंदा यूजर्स जैसे सरकारी नेटवर्क या VPN इस्तेमाल करने वाले ही इंटरनेट का उपयोग कर पा रहे थे। इन पाबंदियों के चलते ईरान को करीब 1.8 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है।
