नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने महिला आरक्षण विपक्ष पर बड़ा हमला बोला। साथ ही यह भी कहा कि विपक्ष ने जो इस बिल का विरोध कर पाप किया है। उन्हें, इसकी सजा जरूर मिलेगी। पीएम के संबोधन के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उनकी बातों को तथ्यों से परे बताया।
देश की 100 फीसदी नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे पास है
पीएम मोदी ने आगे कहा कुछ लोग इस विधेयक के गिरने को सरकार की नाकामी बता रहे हैं। लेकिन यह उसका मुद्दा नहीं है। मैंने संसद में कहा था कि यह विधेयक पारित हो जाने दीजिए, मैं विज्ञापन छपवाकर विपक्ष को इसका क्रेडिट दे दूंगा। लेकिन दकियानूसी विचार वाले अपनी बातों और विरोध पर अड़े रहे।
आज आप सब दुखी हैं। मैं भी आपके इस दुख में दुखी हूं। आज भले ही बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 प्रतिशत वोट हमें नहीं मिला है। लेकिन मैं जानता हूं कि देश की 100 फीसदी नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे पास है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को खत्म कर के रहेंगे। हमारा हौसला भी बुलंद है। हमारी हिम्मत भी अटूट है और हमारा इरादा भी अडिग है। महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां, ये देश की नारी शक्ति को संसद और विधानसभा में उनकी भागीदारी बढ़ाने से रोक नहीं पाएंगी। सिर्फ वक्त का इंतजार है। भाजपा, एनडीए का संकल्प अक्षुण है। कल हमारे पास संख्याबल नहीं था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम हार गए। हमारा आत्मबल अजेय है। हमारा प्रयास रुकेगा नहीं, हमारा प्रयास थमेगा नहीं। हमारे पास आगे अभी और मौके आएंगे। हमें आधी आबादी के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है।
कांग्रेस ने पाकिस्तान के साथ पानी विवाद को लटकाया
आजादी के दौर में कई और देश हमारे साथ आजाद हुए थे, वे देश हमसे आगे निकल गए। कांग्रेस ने देश के सीमा विवादों को लटकाया। पाकिस्तान के साथ पानी विवाद को लटकाया। सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन को रोके रखा। ओबीसी के आरक्षण को लटाकाया। कांग्रेस के हर छल, प्रपंच का खामियाजा देश की पीढ़ियों ने भुगता है। आज देश के सामने जितनी भी बड़ी चुनौतियां हैं, वह कांग्रेस के इसी रवैये से उपजी हैं। यह लड़ाई सिर्फ एक कानून की नहीं है। यह लड़ाई कांग्रेस की उसी एंटी रिफॉर्म विचार से है। मुझे कोई संदेह नहीं है कि देश की माताएं-बहनें कांग्रेस की इस मानसिकता का जवाब देकर रहेंगी।
कांग्रेस देश से घुसपैठियों को भगाने का विरोध करती है- पीएम मोदी
कांग्रेस वन नेशन, वन इलेक्शन का विरोध करती है, कांग्रेस देश से घुसपैठियों को भगाने का विरोध करती है, कांग्रेस मतदाता सूची के शुद्धिकरण (एसआईआर) का विरोध करती है। कांग्रेस ने सीएए कानून तक का विरोध किया और देश में झूठी बातें फैलाकर बवंडर खड़ा कर दिया। कांग्रेस का एक ही पैटर्न रहा है- कोई भी रिफॉर्म आए, झूठ बोलो और भ्रम फैलाओ। कांग्रेस ने यही नेगेटिव रास्ता चुना है। जो भी कार्य देश के लिए जरूरी फैसला होता है, कांग्रेस उसे कारपेट के नीचे डाल देती है। कांग्रेस के इस रवैये की वजह से भारत विकास की उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया, जिसका भारत हकदार है
रिफॉर्म का नाम सुनते ही कांग्रेस विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है
कांग्रेस ने एक बार फिर महिला शक्ति विधेयक का विरोध कर के एक बात सिद्ध कर दी है। यह एंटी-रिफॉर्म पार्टी है। जो भी निर्णय देश के लिए जरूरी हैं और जो निर्णय देश ले रहा है, कांग्रेस उसका विरोध करती है, उसे खारिज कर देती है या खलल डालती है। यही कांग्रेस का इतिहास है और यही कांग्रेस की नेगेटिव राजनीति है। यह वही कांग्रेस है जिसने जनधन, मोबाइल और स्त्री शक्ति का विरोध किया। कांग्रेस ने डिजिटल पेमेंट्स का विरोध किया, जीएसटी का विरोध किया, ईडब्ल्यूएस आरक्षण का विरोध किया। अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध किया। जिस समान नागरिक संहिता को हमारे कोर्ट जरूरी बताते हैं कांग्रेस उसका भी विरोध करती है। रिफॉर्म का नाम सुनते ही कांग्रेस विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है।
कांग्रेस और उसके सहयोगी दल परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे
कांग्रेस और उसके सहयोगी दल परिसीमन पर लगातार झूठ बोल रहे हैं। वे इस तरह विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं. क्योंकि बांटो और राज करो, कांग्रेस यह राजनीति अंग्रेजों से विरासत में सीख कर आई है और उसी के सहारे आज भी चल रही है। कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है। इसलिए यह झूठ फैलाया गया कि परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा। जबकि सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है कि न किसी राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा, न किसी का प्रतिनिधित्व कम होगा, बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी। फिर भी कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा जैसे दल इसे मानने के लिए तैयार नहीं हुए। यह संशोधन विधेयक सभी दलों के लिए एक मौका था।
