जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अक्षय तृतीया (आखा तीज) के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपनी शुभकामना संदेश में अक्षय तृतीया के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे नई शुरुआत के लिए सबसे शुभ अवसर बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में अक्षय तृतीया की तिथि का विशेष स्थान है।
इसे स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना जाता है, जो किसी भी नए कार्य की शुरुआत, दान-पुण्य और मांगलिक आयोजनों के लिए अत्यंत फलदायी और शुभ है। श्री शर्मा ने कामना की कि यह पर्व सभी प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। शुभकामनाओं के साथ ही मुख्यमंत्री ने समाज को एक कड़ा संदेश भी दिया।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे एक जागरूक और प्रगतिशील समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बाल-विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रहार करते हुए कहा कि अक्षय तृतीया पर होने वाले ऐसे आयोजनों को रोकने के लिए प्रत्येक नागरिक को जिम्मेदारी उठानी चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि समाज इन कुरीतियों को जड़ से मिटाने का संकल्प ले ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
