भोपाल। एम्स भोपाल अपने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को उन्नत चिकित्सा तकनीकों में दक्ष बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में एम्स के त्वचा रोग विभाग ने ‘एसोसिएशन ऑफ क्युटेनियस सर्जन्स (इंडिया)’ के सहयोग से त्वचा शल्य चिकित्सा (Skin Surgery) पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया।
इस कार्यशाला में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से 140 से अधिक त्वचा विशेषज्ञ, रेजिडेंट डॉक्टर और फैकल्टी सदस्यों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों को नई और आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम के दौरान केवल व्याख्यान ही नहीं, बल्कि प्रक्रियाओं का सजीव प्रदर्शन और व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को सिमुलेशन मॉडल के माध्यम से अभ्यास कराया गया, ताकि वे वास्तविक मरीजों का उपचार अधिक सुरक्षित और प्रभावी ढंग से कर सकें। कार्यशाला में त्वचा रोग से जुड़ी जटिल सर्जरी और उपचार के आधुनिक तरीकों पर विशेष ध्यान दिया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे।
- घावों को बेहतर तरीके से भरने के लिए स्टिचिंग की नई पद्धतियाँ।
- त्वचा के अनचाहे हिस्सों या ट्यूमर को निकालने की प्रक्रिया।
- पुराने दाग-धब्बों को हटाने की आधुनिक विधि
- सफेद दाग के लिए प्रभावी शल्य चिकित्सा।
- लेजर और अन्य हाई-टेक उपकरणों का सुरक्षित उपयोग।
एम्स भोपाल के इस प्रयास से न केवल डॉक्टरों के कौशल में वृद्धि होगी, बल्कि आम नागरिकों को भी उच्च स्तरीय और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
