भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में जनहित से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई। ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कैबिनेट ने ‘फैक्टर-2’ लागू करने का फैसला किया है, जिसके तहत अब जमीन अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना तक मुआवजा मिल सकेगा।
इसके साथ ही, स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत देते हुए प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए ‘शेल्टर होम’ बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यह सुविधा निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में भी उपलब्ध होगी, जहाँ मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को सस्ती दरों पर रुकने और भोजन की सुचारु व्यवस्था मिलेगी। इन शेल्टर होम्स का निर्माण और संचालन सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा, जिन्हें सरकार केवल भूमि उपलब्ध कराएगी।
बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि सरकार अगले 5 वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित करेगी, जिस पर करीब 2 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य के विकास को गति देने के लिए विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु 33 हजार करोड़ रुपए के विशाल बजट को भी स्वीकृति दी गई है।
सामाजिक संस्थाओं द्वारा संचालित होने वाले इन पेशेंट अटेंडर शेल्टर होम्स के लिए स्वास्थ्य विभाग चरणबद्ध तरीके से 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करेगा। इन केंद्रों पर शुल्क का निर्धारण एक विशेष समिति द्वारा किया जाएगा ताकि सेवा का भाव बना रहे और दूर-दराज से आने वाले लोगों को भटकना न पड़े।
