भोपाल। राजधानी में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की बाधाओं को दूर करने और निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में बरखेड़ी फाटक से भारत टॉकीज के बीच स्थित 100 से अधिक आरा मशीनों की शिफ्टिंग को लेकर अहम चर्चा हुई।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आरा मशीनों की शिफ्टिंग को ‘मिशन मोड’ में शामिल करें, ताकि शहरी विकास और मेट्रो के काम में कोई रुकावट न आए। कलेक्टर मिश्रा ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे मेट्रो परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण के प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर भूमि को लेकर कोई विवाद नहीं है, वहां मेट्रो कंपनी निर्माण कार्यों की गति बढ़ाए। वहीं, विवादित स्थलों के सीमांकन की प्रक्रिया जल्द पूरी कर जमीन कंपनी को सौंपी जाए। कलेक्टर ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर धारा 19 के तहत भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जाए और जटिल मामलों को सीधे उनके संज्ञान में लाया जाए।
कलेक्टर को भोपाल मेट्रो के दोनों कॉरिडोर की प्रगति से कराया गया अवगत
यह लाइन सुभाष नगर से केंद्रीय स्कूल और बोर्ड ऑफिस चौराहा होते हुए एम्स तक विकसित की जा रही है। यह प्रस्तावित रूट भदभदा डिपो, जवाहर चौक, रोशनपुरा, लाल परेड मैदान, पुल बोगदा, प्रभात चौराहा, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, जेके रोड और पिपलानी होते हुए रत्नागिरी तिराहे तक जाएगा। कलेक्टर ने जोर दिया कि मेट्रो प्रोजेक्ट शहर की लाइफलाइन बनने जा रहा है, इसलिए इसके कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
