भोपाल। राजधानी के परवलिया सड़क थाने में पुलिस की कार्यप्रणाली गंभीर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि एक सड़क दुर्घटना में युवक की मौत के बाद पुलिस ने असली आरोपी को बचाने के लिए दुर्घटना करने वाले ट्रैक्टर को ही बदल दिया। जिस नीले रंग के ‘फार्मट्रैक’ ट्रैक्टर से कुचलकर युवक की मौत हुई थी, पुलिस फाइलों में उसकी जगह ‘स्कॉर्ट कुबोटो’ कंपनी का दूसरा ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ग्रामीण ने जांच के आदेश दिए हैं। घटना 26 मार्च की है, जब रतनपुरा निवासी मनोज विश्वकर्मा की बाइक को एक बिना नंबर के नीले फार्मट्रैक ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी थी। हादसे में मनोज की मौके पर ही मौत हो गई और टक्कर मारने वाला ट्रैक्टर सड़क किनारे पलट गया। मौके पर मौजूद राहगीरों और खुद पुलिस द्वारा बनाए गए वीडियो में साफ दिख रहा है कि पलटा हुआ ट्रैक्टर बिना नंबर का फार्मट्रैक मॉडल है। लेकिन 27 मार्च को दर्ज एफआईआर में पुलिस ने जादुई तरीके से ट्रैक्टर का नंबर (MP 37 ZB 8253) दर्ज कर दिया, जो असल में स्कॉर्ट कुबोटो कंपनी का ट्रैक्टर है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जिस असली ट्रैक्टर से एक्सीडेंट हुआ, उसका बीमा नहीं था। मृतक के परिजनों को क्लेम और आरोपी को कानूनी उलझनों से बचाने के लिए पुलिस ने कागजों में उस ट्रैक्टर को जब्त दिखाया जिसका बीमा वैध था। एफआईआर में लिखे गए ट्रैक्टर और मौके पर मिले ट्रैक्टर की बनावट में जमीन-आसमान का अंतर है।
