भोपाल। मप्र में गर्मी अपने तीखे तेवर दिखा रही है। पर्यटन नगरी खजुराहो मंगलवार को 44.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं, राजधानी भोपाल में पारा 43.6 डिग्री तक जा पहुंचा, जो पिछले 10 वर्षों में अप्रैल का दूसरा सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। गर्मी का आलम यह है कि लोग दोपहर में घरों से निकलने में कतरा रहे हैं, जबकि कुछ शहरों में राहत के लिए अनूठे जतन किए जा रहे हैं। मौसम केंद्र के अनुसार, भोपाल में 2017 से 2025 के बीच केवल एक बार पारा 43.7 डिग्री (30 अप्रैल 2019) तक पहुंचा था। इस लिहाज से इस साल 28 अप्रैल का दिन बीते एक दशक का दूसरा सबसे गर्म दिन रहा। हालांकि, शहर का ऑल-टाइम रिकॉर्ड 29 अप्रैल 1996 का है, जब तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा 41 से 43 डिग्री के बीच बना हुआ है। भीषण गर्मी से बचने के लिए देवास में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। यहाँ एक विवाह समारोह के दौरान बारातियों को लू से बचाने के लिए छोटी ट्रॉलियों पर करीब 20 कूलर लगाए गए थे। बारात के चारों ओर चल रहे इन कूलरों ने चिलचिलाती धूप में भी बारातियों को ठंडक का अहसास कराया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मौसम विभाग ने बुधवार को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग सहित विदिशा, रायसेन, मंडला और छिंदवाड़ा जैसे 15 जिलों में लू (Heat Wave) का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने के कारण शाम के बाद मौसम में बदलाव की संभावना है। ग्वालियर, चंबल संभाग और बुंदेलखंड के इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा बैतूल, सिवनी और बालाघाट में भी बूंदाबांदी के आसार हैं।
बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और मौसम केंद्र ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर ढकने पर जोर दिया गया है
