सुविधा पोर्टल के माध्यम से वेंडर बिलों का भुगतान होगा और भी आसान
भोपाल। कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज डीटीजी सभागार में वित्त विभाग द्वारा ‘डिजिटल बिल प्रोसेसिंग प्रणाली’ पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर डिजिटल नवाचारों के प्रति उत्साह दिखाया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अतिरिक्त महाप्रबंधक (वित्त) चेतन मेहर ने ‘सुविधा पोर्टल’ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वेंडर बिलों की डिजिटल प्रोसेसिंग से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी बनेगी। उन्होंने इस नवीन प्रणाली से होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इसके बाद डीटीजी के वरिष्ठ प्रबंधक महेश शर्मा ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण के जरिए प्रणाली की कार्यप्रणाली और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं को बारीकी से समझाया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान डीटीजी इंजीनियर लक्ष्मी पटेल ने डिजिटल अप्रूवल सिस्टम की बारीकियों को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ साझा किया, जिससे प्रतिभागियों के लिए इस नई व्यवस्था को समझना आसान हो गया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन उप प्रबंधक केशव चंद्र तिवारी द्वारा किया गया। समापन अवसर पर वरिष्ठ प्रबंधक (वित्त) शिवेंद्र सिंह राजावत ने डिजिटलाइजेशन को वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता बताया। उन्होंने कार्यस्थल पर इसके व्यापक उपयोग पर बल देते हुए सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। विभाग का मानना है कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डिजिटल प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन की कार्यप्रणाली में गति लाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
