भोपाल। राजधानी की टीटी नगर थाना पुलिस एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। दो युवकों ने पुलिस पर रातभर बेरहमी से मारपीट करने, हाथ तोड़ने और पैरों में आलपिन चुभाने जैसे अमानवीय कृत्य करने के आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का दावा है कि पुलिस उन पर एक ऐसी चोरी की वारदात को कबूल करने का दबाव बना रही थी, जो उन्होंने की ही नहीं। इस मामले की लिखित शिकायत पुलिस कमिश्नर से की गई है, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, अंबेडकर नगर निवासी आयुष गोलाईत (21) और उसका दोस्त अतुल चोटाले 25 अप्रैल की रात एक शादी समारोह से लौट रहे थे।
रात करीब ढाई बजे कटनी सेकंड स्टॉप के पास जब वे हाथ-मुंह धो रहे थे, तभी डायल 112 ने उन्हें हिरासत में ले लिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उन्हें अंजली कॉम्प्लेक्स स्थित एक घर में ले गई जहाँ चोरी हुई थी, लेकिन वहां के फरियादी ने उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद पुलिस उन्हें थाने ले आई और कथित तौर पर सब-इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिकरवार व अन्य कर्मियों ने उन्हें लाठी-डंडों से पीटा। पीड़ित आयुष की माँ कंचन गोलाईत ने बताया कि मारपीट से आयुष की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसे खून की उल्टियां होने लगीं और उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया। हालत बिगड़ने पर पुलिस ने उसे गुपचुप तरीके से जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों ने पुलिस पर उन्हें छोड़ने के बदले 20 से 30 हजार रुपए मांगने का भी गंभीर आरोप लगाया है।
आयुष को फिलहाल जमानत मिल गई है, जबकि उसका दोस्त अतुल जेल में है। वहीं, टीटी नगर थाने के एसआई राघवेंद्र सिंह सिकरवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निराधार बताया है। पुलिस का कहना है कि दोनों युवकों को एक कॉलोनी के गार्ड ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। पुलिस के मुताबिक, आयुष पर पूर्व में आर्म्स एक्ट, मारपीट और पॉक्सो जैसे 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल, मामले का वीडियो वायरल होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच की बात कही जा रही है।
