नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे लगभग साफ हो चुके हैं। आज की मतगणना ने भारतीय राजनीति के कई पुराने किलों को ढहा दिया है। पश्चिम बंगाल में जहां भाजपा ने दो-तिहाई बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, वहीं तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने सबसे बड़ी पार्टी बनकर सबको चौंका दिया है।
पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने आज देश का सियासी पारा चढ़ा दिया है। बंगाल में इस बार कई चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं, जहां दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। सबसे बड़ा उलटफेर भवानीपुर सीट पर देखने को मिला है, पश्चिम बंगाल की सीएम ने इस सीट को गंवा दिया है। वहीं, नंदीग्राम में एक बार फिर शुभेंदु अधिकारी का दबदबा कायम रहा।
पश्चिम बंगाल की इन सीटो पर सबसे कड़े मुकाबले
भवानीपुर: राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट मानी जाने वाली भवानीपुर में बड़ा उलटफेर हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को यहां हार का सामना करना पड़ा है।
नंदीग्राम: बंगाल की राजनीति का केंद्र रहे नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी ने अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा है।
दिनहाटा: उत्तर बंगाल की इस अहम सीट पर टीएमसी के कद्दावर नेता उदयन गुहा को शिकस्त मिली है।
आसनसोल दक्षिण और खड़गपुर सदर: भाजपा के लिए यहां से अच्छी खबर आई है। अग्निमित्रा पॉल और दिलीप घोष दोनों ही अपनी सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रहे हैं।
भांगड़: चर्चित युवा चेहरे नौशाद सिद्दीकी ने एक बार फिर भांगड़ की सीट पर अपनी पकड़ साबित करते हुए जीत हासिल की है।
मुर्शिदाबाद का किला: नौदा और रेजिनगर सीटों पर हुमायूं कबीर ने अपनी जीत दर्ज कराई है।
खड़गपुर सदर: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने इस सीट से जीत दर्ज की है। उनका मुकाबला टीएमसी के प्रदीप सरकार से था, जिन्होंने 2019 के उपचुनाव में यह सीट जीती थी। हालांकि, 2021 के चुनाव में यहां से भाजपा के हिरंमय चट्टोपाध्याय ने प्रदीप सरकार को मात दी थी।
सोनारपुर दक्षिण: भाजपा की प्रमुख नेत्री और अभिनेत्री रूपा गांगुली ने सोनारपुर दक्षिण सीट से जीत दर्ज की है । 2021 में यहां से टीएमसी की अरुधति मैत्रा (लवली) को जीत मिली थी।
10, बेलेघाटा: तृणमूल कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता कुणाल घोष इस बार बेलेघाटा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। 2021 में यहां से टीएमसी के ही परेश पॉल को जीत मिली थी।
स्टालिन को लगा बड़ा झटका, अभिनेता विजय की दोहरी जीत
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक जमीन हिला दी है। जहां मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी ही सीट नहीं बचा पाए, वहीं राजनीति में कदम रखने वाले सुपरस्टार विजय ने दोहरी जीत के साथ सबको चौंका दिया है।
कोलाथुर में स्टालिन की हार
इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर कोलाथुर सीट पर देखने को मिला। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की हार ने डीएमके के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। इसे शहरी मतदाताओं की नाराजगी और सरकार के प्रति एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
विजय का ‘सुपरहिट’ डेब्यू
टीवीके प्रमुख अभिनेता विजय ने पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट, दोनों ही सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। उनकी पार्टी के प्रवेश से न केवल वोट बैंक बंटा, बल्कि त्रिची ईस्ट जैसे त्रिकोणीय मुकाबले में उन्होंने अपनी ताकत साबित कर दी।
दलबदलुओं का दबदबा
अन्नाद्रमुक से निष्कासित होने के बाद द्रमुक के टिकट पर मैदान में उतरे पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम बोडिनायक्कनूर सीट जीतने में सफल रहे। उन्होंने साबित किया कि इस क्षेत्र में उनकी व्यक्तिगत पकड़ आज भी कायम है।
भाजपा को करारा झटका
पार्टी के बड़े चेहरे पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन और केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन अपनी सीटें बचाने में नाकाम रहे। मैलापुर और अविनाशी जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर भाजपा को हार का स्वाद चखना पड़ा है।
पलानीस्वामी और उदयनिधि की साख बरकरार
जहां विपक्ष के नेता के. पलानीस्वामी ने एदापद्दी की अपनी पारंपरिक सीट से जीत का परचम लहराया, वहीं उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी से अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा।
