भोपाल। राजधानी के कोलार रोड पर शनिवार दोपहर एक चलती एसयूवी कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें 10 फीट ऊपर तक उठने लगीं और पूरी कार धूं-धूं कर जल उठी। इस पूरी घटना का सबसे रोचक और हैरान कर देने वाला पहलू यह रहा कि जब यह हादसा हुआ, उस वक्त कार मालिक नितिन रघुवंशी इत्तेफाक से वहीं से गुजर रहे थे। उन्होंने सड़क पर अपनी ही कार को आग की लपटों से घिरा देखा।
उन्होंने तुरंत संबंधित कार शोरूम व वर्कशॉप में फोन लगाकर अपनी गाड़ी का स्टेटस पूछा, तो शोरूम कर्मचारियों ने झूठ बोलते हुए कहा कि “आपकी कार अभी वर्कशॉप में सुरक्षित खड़ी है और उसमें सुधार कार्य चल रहा है।” इस खुलासे के बाद कार मालिक ने मौके का वीडियो बनाया और सीधे शोरूम पहुंचकर कर्मचारियों की इस घोर लापरवाही और झूठ पर जमकर हंगामा काटा। ट्रायल के दौरान हुआ हादसा, वर्कशॉप पर लापरवाही के आरोप मिली जानकारी के अनुसार, नितिन रघुवंशी की कार पिछले 15 दिनों से मेंटेनेंस और सुधार कार्य के लिए वर्कशॉप में खड़ी थी। शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे शोरूम के कर्मचारी कार को ठीक करने के बाद ट्रायल (टेस्ट ड्राइव) पर लेकर निकले थे। इसी दौरान कोलार रोड पर चूना भट्टी रेस्ट हाउस के आगे गार्डन रेसीडेंस के गेट के पास चलती कार से अचानक धुआं निकलने लगा और पल भर में उसने विकराल आग का रूप ले लिया।
सूचना मिलते ही कोलार फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार का अगला हिस्सा और टायर पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे। हालांकि, समय रहते आग बुझाने से कार का पिछला हिस्सा ब्लास्ट होने से बच गया। प्रत्यक्षदर्शी राहुल सिंगाड़िया ने बताया कि जिस जगह पर कार में यह भीषण आग लगी, उसके ठीक पास में ही एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का चार्जिंग स्टेशन, बड़ा बिजली ट्रांसफार्मर और घनी रहवासी बस्ती भी है। कार में आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी और हड़कंप का माहौल निर्मित हो गया। लोगों को डर था कि कहीं आग की वजह से कार के फ्यूल टैंक में जोरदार ब्लास्ट न हो जाए, क्योंकि ऐसा होने पर पास ही स्थित ट्रांसफार्मर और चार्जिंग स्टेशन भी इसकी चपेट में आ सकते थे और कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी। इस अग्निकांड के चलते कोलार रोड का एक तरफ का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और सड़क पर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। फिलहाल, इस पूरी घटना के बाद शोरूम प्रबंधन की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
