देवास। मप्र के देवास में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट मामले में 5 मजदूरों की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासनिक अमले में बड़ा हड़कंप मच गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए शासन ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सोनकच्छ की एसडीओपी (SDOP) दीपा मांडवे, एसडीएम (SDM) संजीव सक्सेना, नायब तहसीलदार रवि शर्मा और टोंककला चौकी प्रभारी रमनदीप हुंडल को सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।
शासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक महकमे में खलबली मची हुई है। हालांकि, इस बड़ी निलंबन की कार्रवाई के बावजूद क्षेत्र में और प्रशासनिक व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हादसे को बीते कई दिन हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी पटाखा फैक्ट्री के अवैध संचालन, तय मानकों से अधिक विस्फोटक सामग्री के असुरक्षित भंडारण और समय-समय पर इसकी सुरक्षा निगरानी करने वाले अन्य मुख्य जिम्मेदार विभागों के अफसरों के खिलाफ अब तक कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की जा सकी है।
स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि आखिर जमीनी तौर पर इस बड़ी लापरवाही के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार असली गुनाहगारों को अब तक कानूनी कार्रवाई के दायरे से बाहर क्यों रखा गया है।
