पंजाब। पंजाब में बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और बिजली हादसों को रोकने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने पैतृक गांव सतोज (संगरूर) से बिजली की तारों को भूमिगत (अंडरग्राउंड) करने के महत्वाकांक्षी पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। इस बेहद खास मौके पर खुद मुख्यमंत्री मौजूद रहे। उन्होंने इस दिन को पंजाब के इतिहास में “सुनहरे अक्षरों” में लिखे जाने वाला दिन बताते हुए कहा कि ऐसा अनूठा प्रोजेक्ट देश के किसी भी अन्य राज्य ने पहले कभी नहीं सोचा।
मान ने कहा कि इस तरह के जनहितैषी क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत वही लोग कर सकते हैं, जिन्होंने खुद जमीनी स्तर पर जनता की समस्याओं और दुखों को झेला हो। प्रोजेक्ट की तकनीकी व जमीनी बारीकियों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पायलट प्रोजेक्ट लोगों की “दुखती रग” को ठीक करने से जुड़ा है। अक्सर तेज आंधी आने पर खंभे टेढ़े हो जाते थे और तारें टूट जाती थीं। इस योजना के तहत अकेले सतोज गांव से बिजली के करीब 382 खंभे पूरी तरह उखाड़ दिए जाएंगे और सड़क किनारे की सभी लाइनें हटेंगी। पहले चरण में ग्रामीणों को नए कनेक्शन दिए जाएंगे, जिसके बाद मेन सप्लाई शुरू होगी। यह कुल 41 किलोमीटर लंबा पायलट प्रोजेक्ट है, जिस पर लगभग आठ करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इसके तहत 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन लाइन सहित अन्य सभी तारों को भी अंडरग्राउंड किया जाएगा। ढीली तारों के हटने से बिजली बोर्ड का लाइन लॉस कम होगा और सबसे बड़ी बात यह कि फसलों में आग लगने तथा असमय होने वाले जानलेवा हादसों पर पूरी तरह रोक लगेगी। भावुक होते हुए सीएम ने कहा कि ढीली तारों की वजह से उनके अपने गांव के तीन होनहार लड़कों की जान गई थी, यह प्रोजेक्ट उन मृत आत्माओं के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।
