जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आयोजित भव्य जनसुनवाई आमजन और शासन के बीच सीधे संवाद का एक अत्यंत प्रभावशाली और विश्वसनीय माध्यम बनकर उभरी है। जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने दूर-दराज से आए नागरिकों की गंभीर समस्याओं को बेहद आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही उनके त्वरित निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री की इस त्वरित और सकारात्मक पहल से जनसुनवाई में आए सैकड़ों लोगों की समस्याओं का हाथों-हाथ समाधान हुआ, जिससे संतुष्ट होकर नागरिकों ने सहर्ष मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। जनसुनवाई के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार समाज के अंतिम पायदान और अंतिम पंक्ति पर बैठे व्यक्ति तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में सचेत करते हुए निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त होने वाली परिवेदनाओं और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही, उदासीनता या कछुआ चाल बरतने वाले गैर-जिम्मेदार कार्मिकों और अधिकारियों के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा अत्यंत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि लोकतंत्र में जनता की समस्याओं का समयबद्ध निवारण करना ही सुशासन की असली पहचान है। जनसुनवाई केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह पीड़ित और जरूरतमंद नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने का एक सशक्त जरिया है। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले को निर्देशित किया गया कि वे निचले स्तर पर ही जनसमस्याओं की मॉनिटरिंग सुदृढ़ करें ताकि आम जनता को छोटे-छोटे कार्यों के लिए परेशान न होना पड़े। जनसुनवाई में त्वरित राहत मिलने से नागरिकों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने मुख्यमंत्री की इस जन-हितैषी कार्यशैली की मुक्त कंठ से सराहना की।
