पंजाब। पंजाब के अमृतसर में को मुख्यमंत्री भगवंत मान की ‘शुकराना यात्रा’ के दौरान उस समय एक बेहद विक्षोभकारी और तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई, जब खडूर साहिब से सांसद और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की मां बलविंदर कौर ने अचानक मुख्यमंत्री का काफिला रोककर उनसे तीखे सवाल पूछ लिए। यात्रा के दौरान बलविंदर कौर ने सीएम को दो-तीन बार आवाज लगाई, जिसके बाद जब मुख्यमंत्री का ध्यान उनकी ओर गया, तो उन्होंने गाड़ी से नीचे झुककर उनकी बात सुनने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान बलविंदर कौर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का हाथ पकड़ लिया और भावुक होते हुए कहा, “मैं अमृतपाल की मां हूं। सीएम साहब, आप भी किसी मां के बेटे हैं। मेरे बेटे पर से एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) हटने के बाद भी उसे वापस पंजाब क्यों नहीं लाया जा रहा है?”
अचानक हुई इस घटना से असहज हुए मुख्यमंत्री मान अपना हाथ छुड़वाते हुए तुरंत गाड़ी में पीछे हट गए। इस वाकये के तुरंत बाद वहां मौजूद अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी और ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। हालांकि, सुरक्षाबलों की मुस्तैदी के बीच सीएम मान अपने तय कार्यक्रम के अनुसार यात्रा को आगे बढ़ाते हुए वहां से रवाना हो गए।
उल्लेखनीय है कि ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रमुख अमृतपाल सिंह वर्तमान में असम की डिब्रूगढ़ जेल में उच्च सुरक्षा के बीच बंद है। तकनीकी रूप से उस पर लगाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) बीती 22 अप्रैल को समाप्त हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद उसकी जेल से रिहाई संभव नहीं है क्योंकि उसके खिलाफ कई अन्य संगीन आपराधिक मामले लंबित हैं। अमृतपाल पर मुख्य रूप से फरवरी 2023 में अमृतसर के अजनाला पुलिस थाने पर अपने समर्थकों के साथ मिलकर हमला करने का केस दर्ज है, जिसमें उसने अपने एक साथी को छुड़ाने के लिए थाने पर धावा बोला था। इस मामले में पुलिस ने उस पर और उसके 41 साथियों पर हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसी बेहद गंभीर धाराएं लगाई हैं। हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश जारी किए थे।
