भोपाल में पेट्रोल ₹114.65 और डीजल ₹99.74 पर पहुँचा, प्रदेश के प्रमुख शहरों में उज्जैन सबसे महंगा
भोपाल। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी के बाद घरेलू तेल कंपनियों ने आम जनता पर महंगाई का बड़ा बोझ डाल दिया है। तेल कंपनियों ने महज 11 दिनों के भीतर चौथी बार पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी की है। ताजा वृद्धि के तहत 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया गया। इस बढ़ोतरी के बाद मध्य प्रदेश में ईंधन की कीमतें ₹3 तक बढ़ गई हैं, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में डीजल ₹100 के पार निकल गया है, जबकि पेट्रोल की कीमत ₹116 या उससे अधिक हो गई है।
नए रेट के मुताबिक, राजधानी भोपाल में अब पेट्रोल ₹114.65 और डीजल ₹99.74 प्रति लीटर के स्तर पर पहुँच गया है। प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें, तो धार्मिक नगरी उज्जैन में ईंधन सबसे महंगा बिक रहा है, जहाँ डीजल ₹100.11 और पेट्रोल ₹115.03 प्रति लीटर हो गया है। इसके अलावा इंदौर में पेट्रोल ₹114.54 व डीजल ₹99.57 प्रति लीटर की दर से मिलेगा, जबकि जबलपुर और ग्वालियर में भी कीमतों में भारी इजाफा दर्ज किया गया है।
11 दिनों में ₹8 तक की बढ़ोतरी, अंतरराष्ट्रीय संकट बड़ी वजह
चालू महीने में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला 15 मई से शुरू हुआ था। बीते 11 दिनों में चार बार की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल करीब ₹8 प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं। इस महीने पहली बढ़ोतरी 15 मई को करीब ₹3, दूसरी 19 मई को 90 पैसे, तीसरी 23 मई को 87-91 पैसे और चौथी बढ़ोतरी 25 मई को करीब ₹3-3 प्रति लीटर की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान-अमेरिका जंग के संकट से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, जो अब उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच चुका है।
क्रूड की कीमतें बढ़ने से सरकारी तेल कंपनियां भारी दबाव में थीं। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा था, जिसकी भरपाई के लिए यह कदम उठाया गया है।
