भोपाल। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के रातीबड़-नीलबड़ अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 26, बरखेड़ी खुर्द में साक्षी ढाबा मंदिर के समीप सरकारी भूमि पर संचालित एक कथित अवैध डेरी को लेकर स्थानीय रहवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि लगभग 5 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर इस डेरी का संचालन किया जा रहा है, जिससे आसपास के पूरे इलाके में गंदगी का माहौल बना हुआ है। रहवासियों के अनुसार, डेरी परिसर के खुले मैदान में बड़ी मात्रा में भूसा डंप करके रखा जाता है, जो तेज हवा चलने पर उड़कर आसपास के मकानों में घुस जाता है और लोगों के खाने-पीने की वस्तुओं में मिल जाता है।

इस निरंतर उड़ती धूल और भूसे के कारण क्षेत्र में स्वच्छता तो प्रभावित हो ही रही है, साथ ही बच्चों और बुजुर्गों में आए दिन सांस व अन्य बीमारियां फैल रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शासन द्वारा शहर के भीतर डेरी संचालन के लिए पूर्व में ही वैकल्पिक व्यवस्था की जा चुकी है, इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से इस डेरी का संचालन इसी रिहायशी इलाके में जारी है। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर नगर निगम प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे किसके संरक्षण में यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।

सरकार की स्पष्ट मंशा है कि शहर के भीतर संचालित डेरी व्यवसायों को व्यवस्थित कर शहरी सीमा से बाहर स्थापित किया जाए ताकि स्वच्छता और यातायात संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके, लेकिन यहां धरातल पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। क्षेत्र के पीड़ित नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन और जिला प्रशासन से इस मामले की तत्काल जांच कर डेरी को रिहायशी इलाके से हटाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अवैध डेरी पर ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो समस्त क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
