भोपाल। राजधानी के वार्ड-27 के अंतर्गत आने वाली मांडवा बस्ती में पिछले कई दिनों से गंदे पानी की सप्लाई ने करीब 5 हजार से अधिक रहवासियों की मुसीबत बढ़ा रखी है। क्षेत्र में नल कनेक्शन न होने के कारण नगर निगम द्वारा टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह पानी अत्यधिक मटमैला और दूषित आ रहा है। मांडवा बस्ती के निवासी शेर सिंह सोलंकी सहित अन्य रहवासियों का कहना है कि यह पानी पीने योग्य बिल्कुल नहीं है, जिसके कारण उन्हें आसपास के इलाकों से पीने के पानी की जुगाड़ करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्रीय पार्षद से अविलंब साफ पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है। एक तरफ जहां शहर की बस्तियों में लोग बूंद-बूंद साफ पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही महापौर मालती राय ने मध्य प्रदेश विधानसभा के सामने स्थित नगर निगम के फिल्टर प्लांट का औचक निरीक्षण किया था।
इस दौरान मेयर ने दावा किया था कि जिन इलाकों में बड़ा तालाब का पानी सप्लाई हो रहा है, वहां के निवासियों को घरों में आरओ (RO) लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि निगम द्वारा पूरी तरह शुद्ध पानी दिया जा रहा है। महापौर के इन दावों के विपरीत शहर के कई इलाकों से लगातार दूषित जलापूर्ति की शिकायतें आ रही हैं; मांडवा बस्ती के अलावा भानपुर के पास स्थित बिहारी बस्ती में भी नर्मदा लाइन से मटमैला पानी आने के कारण लोग परेशान हैं।
