भोपाल। राजधानी के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम सोमवार (1 जून) को पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ को लेकर उनके निवास स्थान पहुंची। यहाँ सीबीआई ने घटना की परिस्थितियों को बारीकी से समझने के लिए 80 किलो वजन की एक डमी को फंदे पर लटकाया और फिर उतारा, जिससे क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया जा सके। डमी का वजन मृतका ट्विशा के वजन से मैच करने के लिए टीम ने पहले डमी के अंदर रेत भरी और फिर उसके पैरों पर लोहे के भारी डंबल बांधे।
करीब दो घंटे तक चली इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सीबीआई यह पता लगाने में जुटी रही कि घटना के वक्त असल में क्या हुआ था और उपलब्ध तथ्य घटनास्थल की भौतिक परिस्थितियों से कितना मेल खाते हैं। इस दौरान मौके पर मौजूद ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह से भी टीम ने सघन पूछताछ की। सीबीआई की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा भी हुआ है कि 15 मई को एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी पति समर्थ तत्काल शहर छोड़कर नहीं भागा था, बल्कि वह करीब तीन दिनों तक भोपाल में ही छिपा रहा।
इसके बाद वह जबलपुर पहुंचा, जहां उसने करीब पांच दिन तक फरारी काटी। अब सीबीआई इस पूरी अवधि के दौरान उसकी गतिविधियों, मोबाइल संपर्क, लोकेशन, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और डिजिटल चैट खंगाल रही है ताकि फरारी के दौरान उसे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मदद करने वाले मददगारों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा, मामले में आत्महत्या और हत्या के उलझे हुए ताने-बाने को सुलझाने के लिए सीबीआई ने उस डॉक्टर को भी तलब किया है जिसने ट्विशा को गर्भपात की सलाह दी थी।
समर्थ जहां इसे गर्भपात के बाद डिप्रेशन के कारण की गई आत्महत्या बता रहा है, वहीं सीबीआई कड़ियों को जोड़ने के लिए फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों (सीडीआर) का मिलान कर रही है कि शव को फंदे से किसने उतारा, उस समय घर में कौन था और अस्पताल ले जाने तक साक्ष्यों से छेड़छाड़ या मारपीट की क्या कड़ियां रहीं।
