चंडीगढ़। पंजाब में 8 नगर निगमों, 75 नगर कौंसिलों और 20 नगर पंचायतों समेत कुल 104 निकायों के चुनाव परिणामों ने राज्य की सियासत में बड़ा उलटफेर कर दिया है। इसे 2027 के विधानसभा चुनाव का ‘सेमीफाइनल’ माना जा रहा था, जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ-साथ पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब ‘आप’ के नवनियुक्त प्रधान अमन अरोड़ा जैसे दिग्गजों की साख दांव पर लगी हुई थी। कुल 1,977 वार्डों के लिए घोषित अंतिम नतीजों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने एकतरफा आंधी चलाते हुए 958 वार्डों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।
वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस 397 सीटों के साथ काफी पीछे दूसरे स्थान पर रही, जबकि शिरोमणि अकाली दल (SAD) को 192 और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मात्र 172 वार्डों से संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन निर्दलीय उम्मीदवारों का रहा, जिन्होंने 251 वार्ड जीतकर प्रदेश में तीसरा सबसे बड़ा सियासी ब्लॉक खड़ा कर दिया है।
नेताओं के अपने गढ़ की बात करें तो मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने विधानसभा क्षेत्र धुरी नगर काउंसिल में विरोधियों का सूपड़ा साफ करते हुए 21 में से 19 वार्डों पर ‘आप’ का परचम लहराया। इसके विपरीत, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग को उनके ही प्रभाव वाले क्षेत्र गिद्दरबाहा नगर काउंसिल में करारा झटका लगा है, जहां ‘आप’ ने सेंधमारी करते हुए 19 में से 17 वार्डों पर एकतरफा कब्जा जमा लिया। हालांकि, पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने चमकौर साहिब नगर काउंसिल में लाज बचाते हुए 13 में से 7 वार्डों पर कांग्रेस को जीत दिलाई।
पंजाब के आठ प्रमुख नगर निगमों में भी कांटे की टक्कर देखने को मिली। ‘आप’ ने मोगा (30 वार्ड), बरनाला (36 वार्ड), बठिंडा (31 वार्ड) और बटाला (30 वार्ड) में प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जबकि मोहाली में भी 26 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। नव-नियुक्त पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के गृह क्षेत्र बरनाला निगम में भाजपा केवल 6 सीटों पर सिमट कर रह गई, जिससे शहरी क्षेत्रों में पैर पसारने की पार्टी की कोशिशों को गहरा धक्का लगा है।
