कल नामांकन दाखिल करेंगी कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर सियासी मुकाबला और तेज हो गया है। दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद भाजपा ने भी तीसरा उम्मीदवार उतारने का फैसला कर लिया है। सीएम हाउस में रविवार को हुई अहम बैठक में इस पर अंतिम सहमति बनी। पार्टी ने संभावित उम्मीदवारों के तौर पर दो नेताओं के दस्तावेज भी तैयार करा लिए हैं। इससे पहले शनिवार रात मुख्यमंत्री निवास में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई थी। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विधायकों को 8 जून तक भोपाल में ही रहने के निर्देश दिए थे।
उधर, कांग्रेस की ओर से राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन 8 जून को भोपाल में नामांकन दाखिल करेंगी। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मौजूद रहेंगे। कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को नामांकन कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए हैं।
ऐन वक्त पर प्रत्याशी घोषित कर सकती है भाजपा
इसी राजनीतिक हलचल के बीच रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिनभर अलग-अलग नेताओं के साथ बैठकें कीं। सीएम हाउस में मंत्री राकेश सिंह और नरोत्तम मिश्रा ने उनसे मुलाकात कर चर्चा की। देर शाम मुख्यमंत्री निवास पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे।
करीब एक घंटे चली इस बैठक के बाद दिल्ली से तीसरा उम्मीदवार उतारने को लेकर अंतिम मंजूरी मिल गई। अब माना जा रहा है कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के बाद भाजपा ऐन वक्त पर अपना प्रत्याशी घोषित कर सकती है।
एनएसयूआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी हैं मीनाक्षी
मीनाक्षी नटराजन उज्जैन जिले के नागदा (बिरलाग्राम) की रहने वाली हैं। उनका जन्म 23 जुलाई, 1973 को हुआ था। छात्र राजनीति से उभरीं मीनाक्षी NSUI की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से जैव रसायन में एमएससी और कानून (LLB) की डिग्री प्राप्त की है। 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने मंदसौर सीट से कांग्रेस के टिकट पर भारी मतों से जीत हासिल की थी।
राहुल गांधी की करीबी मानी जाने वाली मीनाक्षी नटराजन फिलहाल कांग्रेस की तेलंगाना प्रभारी हैं। वे दो किताबों की लेखिका भी हैं “1857 भारतीय परिप्रेक्ष्य” और “अपने अपने कुरुक्षेत्र”। पार्टी में उन्हें जमीनी स्तर की मजबूत संगठनात्मक क्षमता, सादगी और महिलाओं व युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली नेता के रूप में जाना जाता है।
