भोपाल। भेल क्षेत्र के रायसेन रोड इंद्रपुरी से निजामुद्दीन रोड के चौड़ीकरण के मार्ग में आ रहे अवैध निर्माणों पर शनिवार को जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पिपलानी चमारन स्थित लेबर कॉलोनी झुग्गी बस्ती में, ग्लोबल स्किल पार्क के सामने सड़क पर किए गए अवैध कब्जों को प्रशासन ने पूरी तरह जमींदोज कर दिया। इस संयुक्त कार्रवाई में 70 दुकानें और 42 झुग्गियां हटाई गईं। प्रशासन के मुताबिक, मुक्त कराई गई करीब 4 हजार वर्ग मीटर जमीन का बाजार मूल्य 40 करोड़ रुपए से अधिक है।

जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम का संयुक्त दस्ता मुस्तैद
यह पूरी कार्रवाई एसडीएम भुवन गुप्ता और तहसीलदार सौरभ वर्मा की मौजूदगी में हुई। शनिवार सुबह से ही प्रशासन, पुलिस और नगर निगम का अमला भारी मशीनरी के साथ मौके पर पहुंच गया था। टीम ने सड़क के दोनों ओर फैले अतिक्रमण को पूरी तरह साफ कर दिया। एसडीएम भुवन गुप्ता ने बताया कि ग्लोबल स्किल पार्क के सामने मुख्य सड़क पर लंबे समय से अवैध कब्जा था, जिससे रायसेन रोड के चौड़ीकरण में बाधा आ रही थी।

अतिक्रमण मुक्त जमीन का विवरण
लोकेशन: पिपलानी चमारन, लेबर कॉलोनी (ग्लोबल स्किल पार्क के सामने), रायसेन रोड।
क्षेत्रफल: 210 मीटर पीडब्ल्यूडी (PWD) सड़क के दोनों ओर करीब 4 हजार वर्ग मीटर (43 हजार वर्ग फीट) जमीन।
अनुमानित कीमत: ₹40 करोड़ से अधिक।
हटाए गए निर्माण: 70 अवैध दुकानें और 42 झुग्गियां।
राजनीतिक गरमाहट: कांग्रेस ने की पुनर्वास की मांग
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मौके पर सियासी हलचल भी देखने को मिली। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे।
कांग्रेस का आरोप
भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा सीट के अंतर्गत आने वाली इंद्रपुरी कॉलोनी में शनिवार को सड़क चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन का ‘बुल्डोजर’ जमकर चला। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से नगर निगम और प्रशासनिक अमले ने सड़क किनारे स्थित अवैध झुग्गियों और दुकानों को हटाने की बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

श्रमिक नेता दीपक गुप्ता ने कहा कि विकास के नाम पर गरीबों और मेहनतकश लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश के इस मौसम में बिना किसी पूर्व सूचना के लोगों के आशियाने और रोजगार छीन लेना सरासर अन्याय है। क्षेत्रीय पार्षद जीत राजपूत भी इस कार्रवाई के विरोध में उतरे। उन्होंने कहा, “हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन प्रशासन को पहले प्रभावित परिवारों को उचित नोटिस देकर उनके वैकल्पिक पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए थी।” उन्होंने सरकार से मांग की है कि बेघर हुए परिवारों और बेरोजगार हुए दुकानदारों को तुरंत मुआवजा और रहने के लिए जगह उपलब्ध कराई जाए।
