भोपाल। नरेला विधानसभा क्षेत्र में आगामी मानसून के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी संभावित स्थितियों को रोकने के लिए सहकारिता एवं खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए रविवार सुबह मंत्री सारंग खुद सड़कों पर उतरे और क्षेत्र के प्रमुख नाले-नालियों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर सफाई कार्य संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि बारिश शुरू होने से पहले सभी छोटे-बड़े नालों की मुकम्मल सफाई हर हाल में सुनिश्चित की जाए, इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रभात चौराहा, महामाई की पुलिया, द्वारका नगर और भानपुर खंती समेत कई संवेदनशील इलाकों का दौरा कर अधिकारियों को मौके पर ही जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
दौरे के दौरान मंत्री सारंग ने नरेला क्षेत्र से होकर गुजरने वाले शहर के सबसे बड़े पातरा नाले का भी बारीकी से निरीक्षण किया। वहां एनएचएआई (NHAI) के चल रहे निर्माण कार्य के चलते नाले के भीतर भारी मात्रा में मिट्टी डंप पाई गई, जिससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह पूरी तरह बाधित हो रहा था। इस स्थिति को देख मंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने चेताया कि यदि यह मिट्टी समय पर नहीं हटाई गई, तो तेज बारिश के दौरान शहर के कई रिहायशी हिस्सों में जलभराव की गंभीर स्थिति निर्मित हो सकती है। मंत्री के कड़े रुख को देखते हुए प्रशासन द्वारा मौके पर ही पोकलेन और जेसीबी मशीनों के जरिए नाले से मिट्टी हटाने और उसकी गहराई व चौड़ाई को बरकरार रखने का काम तुरंत शुरू करा दिया गया। मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने निरीक्षण के दौरान नालों की सीमाओं पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को भी जलभराव की एक गंभीर वजह बताया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि नालों के ऊपर या आसपास जहां कहीं भी अवैध कब्जे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए, क्योंकि इन्हीं रुकावटों के कारण हर साल बारिश में आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने नगर निगम और जिला प्रशासन को आपस में बेहतर समन्वय (तालमेल) बनाकर काम करने की हिदायत दी। उन्होंने दोहराया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान नागरिकों को हर प्रकार की असुविधा से बचाना है, इसलिए सभी सफाई और मरम्मत कार्य समय सीमा के भीतर पूरी गंभीरता के साथ संपन्न किए जाएं।
